रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र में तीन साल पहले गांजा की अवैध तस्करी में पकड़े गए चार तस्करों को विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट आबिद शमीम की कोर्ट ने दस-दस साल कैद की सजा सुनाई है। उन पर 2-2 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
इस मामले में गैरहाजिर चल रहे एक अन्य आरोपी के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी किया है। अभियोजन के मुताबिक नारकोटिक्स ब्यूरो की टीम ने वर्ष 2021 में लाेढ़ी टोल प्लाजा के पास से ट्रक पर रखकर ओडिशा से प्रयागराज ले जाया जा रहा करीब दस क्विंटल गांजा बरामद किया था।
इस मामले में टीम ने वाहन चालक रामसिंह, खलासी संजय सिंह, वाहन स्वामी गुड्डू कुशवाहा, माल की आपूर्ति पाने वाले प्रयागराज निवासी प्रदीप केशरवानी और उसके भाई वीरेंद्र केशरवानी पर केस दर्ज किया था। विवेचना के बाद चार्जशीट कोर्ट में दाखिल हुई।
वीरेंद्र को छोड़ अन्य सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। गवाहों के बयान, साक्ष्यों के परीक्षण के आधार पर कोर्ट ने सभी पांचों आरोपियों को तस्करी में संलिप्तता का दोषी करार दिया।
मंगलवार को फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने राम सिंह, संजय, गुड्डू कुशवाहा और प्रदीप केशरवानी को दस-दस साल की कैद और दो-दो लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
अर्थदंड न देने पर उन्हें अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। कोर्ट ने इस मामले में गैर हाजिर चल रहे वीरेंद्र केशरवानी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करते हुए पुलिस को उसकी शीघ्र गिरफ्तारी के लिए भी आदेशित किया।