पंजे के निशान से पहचान में जुटा विभाग
डॉ. रुद्रेश यादव ने बताया कि यह हमला किसी जंगली जानवर का है, लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि हमला तेंदुए ने किया या किसी अन्य हिंसक वन्य जीव ने। ग्राम प्रधान विदवंत घसिया, वनाधिकार समिति अध्यक्ष महादेव, बीडीसी सदस्य भोला सिंह और ग्रामीण बासरूप ने बताया कि इलाके में पिछले कुछ दिनों से जंगली जानवरों की आवाजाही बढ़ गई है, जिससे लोगों में भय का माहौल है।
रेंजर सरिता गौतम ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह किसी हिंसक वन्य जीव की ओर से किया गया हमला प्रतीत होता है। मोरम व गीली मिट्टी के कारण पंजे के निशान स्पष्ट नहीं हो रहे। क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जा रही है और ग्रामीणों को जागरूक रहने व रात में बाहर न निकलने की सलाह दी जा रही है।
वन विभाग की टीम ने किया निरीक्षण।
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समूह में निकलें, जानवरों को बाहर न छोड़ें
मवेशियों को रात में घर के अंदर सुरक्षित स्थान पर रखें। अकेले न निकलें, समूह में टॉर्च लेकर बाहर जाएं। जंगली जानवर की गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत वन विभाग को सूचना दें। वन विभाग ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है और हमलावर जानवर की पहचान के बाद उचित कार्रवाई की बात कही है।