स्कूल वाहन का निरीक्षण करते एआरटीओ प्रशासन कौशल सिंह। संवाद
- फोटो : हाथ में काली पट्टी बांधकर बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करते चिकित्सक।
सोनभद्र। जिले में संचालित स्कूली वाहनों की अनदेखी कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। शैक्षणिक सत्र शुरू होने के डेढ़ माह बाद भी करीब 97 स्कूल वाहनों का अभी तक न तो फिटनेस हुआ है और ना ही उनके पास वैध परमिट है।
यह हाल तब है जब शासन की तरफ से स्कूली वाहनों को लेकर खास सतर्कता बरती जा रही है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो यूपीआईएसवीएमपी पोर्टल पर जारी सारांश रिपोर्ट के अनुसार जिले में संचालित 97 स्कूल वाहनों की फिटनेस और परमिट एक्सपायर पाए गए हैं।
इसमें 16 स्कूली वाहनों का फिटनेस और 35 वाहनों के परमिट फेल पाया गया है। वहीं 46 वाहन बिना परमिट के संचालित होते चिह्नित किए गए हैं। परिवहन विभाग संबंधित विद्यालय संचालकों को नोटिस जारी करते हुए वाहनों का फिटनेस और परमिट सही कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में 150 से अधिक प्राइवेट एवं सरकारी विद्यालयों में वाहनों का संचालन हो रहा है। इन विद्यालयों में बच्चों को घर से लाने ले जाने के लिए वाहन लगाए गए हैं। विद्यालयों में करीब 427 वाहनों का संचालन हो रहा है, ये वाहन परिवहन विभाग में पंजीकृत भी हैं।
स्कूली वाहनों के मनमाने संचालन पर रोक लगाने तथा बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विभाग की तरफ से यूपी इंट्रीग्रेटेड स्कूल व्हीकल मैनेजमेंट (यूपीआईएसवीएमपी) पोर्टल पर स्कूल वाहनों का डाटा अपडेट कराया गया है।