सुनवाई के दौरान पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक ने भी बच्ची के गले के निशान को दबाने से उत्पन्न होना बताया। नथुने से खून निकलने की बात भी सामने आई। बचाव पक्ष बच्ची की मौत के बाद आरोपी के वहां से चले जाने और पंचनामा कार्रवाई में शामिल नहीं होने का संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे सका।
अभियोजन ने तर्क दिया कि आरोपी ने अपनी तीन माह की अबोध बेटी की हत्या की है। अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर माना कि पुत्र की चाहत में रजवंत ने बेटी की हत्या की।