करीब एक घंटे बाद अस्पताल की ओर से बताया गया कि उसकी हालत गंभीर हो गई है। वाराणसी में उनका ही अस्पताल है, मरीज को वहां ले जाना पड़ेगा। श्रीनिवास का आरोप है कि आर्थिक स्थिति बताने पर चिकित्सक व अस्पताल के अन्य कर्मचारियों ने उसके साथ अभद्रता और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया।
इसके बाद अस्पताल की एंबुलेंस से पत्नी को वाराणसी भेजा गया। वहां 35 हजार रुपये जमा करने पर ही उपचार की बात कही गई। किसी तरह उन्होंने 20 हजार जमा किया, बावजूद उपचार शुरू नहीं हुआ। नतीजा कुछ समय बाद उसकी मौत हो गई। मौत के बाद बुधवार को शव लेकर वापस उरमौरा आए परिवारीजनों ने जमकर हंगामा किया।
आरोप लगाया कि ऑपरेशन के दौरान बरती गई लापरवाही के कारण रुकमणी (56) की हालत बिगड़ी और मौत हुई। मौके पर पहुंची पुलिस ने समझा-बुझाकर शांत कराया। इसके बाद परिजन कलेक्ट्रेट पहुंचे और डीएम से मिलकर पूरे मामले की जानकारी दी। डीएम चर्चित गौड़ ने उन्हें जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
उरमौरा स्थित अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान लापरवाही के चलते महिला की मौत संबंधी शिकायत की जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। मरीजों के स्वास्थ्य से किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। -डॉ. रमेश कुमार मिश्रा, सीएमओ।