फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसान दस से 12 रुपये प्रति किलो धान बेचने को हैं विवश

विज्ञापन
विज्ञापन
सोनभद्र। भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष यादवेंद्र दत्त द्विवेदी ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर धान क्रय केंद्रों पर धान खरीद में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि धान क्रय में मिलरों के साथ मिलकर भारी भ्रष्टाचार हो रहा है। व्यवस्था की बदहाली से परेशान किसान अपनी जरूरतों व कर्जों के बोझ से त्रस्त होकर 10 से 12 रुपये प्रति किलो अपना धान बेचने को विवश हैं।
विज्ञापन

सरकार रा करीब 17 प्रतिशत नमी और तीन प्रतिशत पईया की छूट का कोई फायदा किसान को नहीं दे रही है। जबकि मिलरों से चावल प्राप्त करते समय इससे कहीं ज्यादा कटौती कर बीच की करीब 20 से 25 प्रतिशत राशि अधिकारियों व मीलरों द्वारा मिल बांट लिया जाता है। क्रय केंद्र पर कागज में या दिखावे में तीन या पांच या सात भी कांटे तौल के लिए लगाए गए हों, लेकिन एक या दो काटों से ही किसान का धान धीमी गति से खरीदा जा रहा है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि मिलरों के यहां छापा मारा जाए तो मानक से 20 से 50 गुना अधिक धान का स्टाक मिलों पर जमा मिलेगा। डीएम के प्रति किसान 50 कुंतल से ज्यादा धान न खरीदने के फरमान के नाते मौसम की मार से त्रस्त किसान औने पौने दाम पर दलालों के हाथों उधार में कागज पत्तर सहित बेच दे रहा है, जो मिलरों के माध्यम से उनके मिलीभगत से लोगों की खतौनी पर पुन: क्रय केंद्र पर दर्ज होकर सभी धान की सरकारी खरीद हो जा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस पर उच्च स्तरीय जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें