सोनभद्र। डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कृषि विभाग की तरफ से खाद विक्रेताओं को क्यूआर कोड लगवाने के लिए निर्देशित किया गया है। इससे किसान खाद लेने के बाद क्यूआर कोड (क्विक रिस्पांस कोड) के माध्यम से सीधे दुकानदार के खाते में रुपये ट्रांसफर कर सकेंगे। अब तक 107 खाद विक्रेताओं ने क्यूआर कोड लगवा भी लिया है। क्यूआर कोड लगने से खाद दुकानदारों के साथ किसानों को डिजिटल भुगतान करने में सहुलियत होगी।
पिछले खरीफ सीजन में यूरिया अधिक आई, फिर भी किसान पूरे सीजन खाद के लिए परेशान रहे। यहां तक देखा गया कि खाद विक्रेताओं ने निर्धारित रेट से ज्यादा की वसूली की। भविष्य में ऐसी स्थिति रोकने के लिए कृषि विभाग डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दे रहा है। जिला कृषि अधिकारी पीयूष राय ने बताया कि सभी खाद दुकानदारों से खाद बिक्री में डिजिटल भुगतान की व्यवस्था लागू करने के लिए निर्देशित किया गया है। किसान खाद लेने के बाद क्यूआर कोड के माध्यम से सीधे दुकानदार के बैंक खाते में रुपये ट्रांसफर करेंगे। उन्होंने बताया कि जिले में कुल 337 निजी खाद की दुकान संचालित हो रही है। इसमें से 107 दुकानदारों ने क्यूआर कोड लगवा लिया है। जिला कृषि अधिकारी का कहना है कि दुकानदार गूगल पे, भीम एप, पेटीएम के प्रतिनिधि से संपर्क करक्यूआर कोड बनवा लें। ताकि भविष्य में किसी भी आनलाइन एप से किसानों को डिजिटल भुगतान की सुविधा दी जा सके। इसके अलावा दुकानदार पीओएस मशीन से ही निर्धारित मूल्य एवं जोत बही के आधार पर खाद की बिक्री करें। यदि कोई विक्रेता ऐसा नहीं करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।