शक्तिनगर। बीना कोयला क्षेत्र में कार्य कर रही आउटसोर्सिंग कंपनी में स्थानीय बेरोजगारों को नियोजित करने में कंपनी प्रबंधन की विफलता पर ग्रामीणों ने सोमवार को एसडीएम के सामने गहरी नाराजगी जताई। एनसीएल बीना कोयला क्षेत्र के महाप्रबंधक कार्यालय सभागार में ग्रामीणों ने बताया कि रोजगार के लिए तीन माह पहले ही उम्मीदवारों का बायोडाटा जमा कराया गया था, मगर अब तक कुछ नहीं हुआ।
एसडीएम दुद्धी निखिल यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में कोल प्रबंधन व आउटसोर्सिंग कंपनी के नुमाइंदों के साथ कई ग्राम प्रधान व प्रतिनिधि मौजूद रहे। एसडीएम निखिल यादव ने पुनः परियोजना विस्थापित परिवारों के युवाओं को रोजगार का आश्वासन दिया। अधिकारी के भरोसे पर लोग नाखुश नजर आए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासन के हस्तक्षेप के बावजूद समायोजन नहीं हो पाना खेदजनक है। इससे निजी कंपनी के अधिकारियों की गंभीरता को समझा जा सकता है। आरोप है कि रोजगार के लिए तीन मह पूर्व बायोडाटा जमा कराया गया था, लेकिन अभी तक एक भी विस्थापित युवा को रोजगार नहीं मिल सका है। यह भी बात सामने आई कि आउटसोर्सिंग कंपनी में बिना फार्म भरे संविदा श्रमिकों से कार्य कराया जा रहा है। बैठक में सीओ पिपरी अमित कुमार, शक्तिनगर के प्रभारी निरीक्षक कुमुद शेखर सिंह, ग्रामीण व विस्थापित नेता मौजूद रहे। ग्रामीणों ने कहा कि बेरोजगारों के समायोजन के लिए स्पष्ट नीति का अभाव है। इसी का फायदा कंपनी के नुमाइंदे व क्षेत्र में रोजगार के नाम पर सक्रिय बिचौलिए उठाते हैं।