कनहर परियोजना के दांई नहर के कुड़वा सुरंग (टनल) में कार्यरत कर्मचारी-कार्यदायी संस्था
दुद्धी। बहुउद्देशीय कनहर सिंचाई परियोजना की दांई मुख्य नहर पर निर्माणाधीन तीन किलोमीटर लंबी सुरंग (टनल) मंगलवार सुबह आर-पार हो गई। इसके साथ ही परियोजना के अधिकारियों और कर्मचारियों में खुशी छा गई। सुरंग का निर्माण पूरा होने से परियोजना के शेष कार्यों में तेजी आने और अगले छह माह में किसानों तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।
कनहर परियोजना की दांई नहर के 27.5 से 30.5 किलोमीटर के बीच यह सुरंग बनाई जा रही है। वर्ष 2024 में अनुमति मिलने के बाद कार्यदायी संस्था एचईएस ने तकनीकी मानकों के अनुरूप पहाड़ों और चट्टानों के बीच मैनुअल उपकरणों की मदद से सुरक्षित ढंग से निर्माण कार्य शुरू कराया। मंगलवार सुबह कार्यदायी संस्था एचईएस के वरिष्ठ महाप्रबंधक संजीव कुमार ने बताया कि सुरंग निर्माण के दौरान कई तकनीकी चुनौतियां सामने आईं, लेकिन अधिकारियों, कर्मचारियों, आपूर्तिकर्ताओं और श्रमिकों के सहयोग से कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया। उन्होंने कहा कि सुरंग बनने के बाद दांई और बांई पांडु बेसिन नहरों के निर्माण कार्य में और तेजी आएगी। निर्माण कार्य पूरा होने के लगभग छह माह बाद किसानों के खेतों तक पानी की आपूर्ति शुरू हो जाएगी, जिससे सिंचाई की समस्या काफी हद तक दूर होगी। अवर अभियंता आनंद यादव और मनकेश यादव ने बताया कि कनहर परियोजना की दांई मुख्य नहर की कुल लंबाई 31.5 किलोमीटर है। इसके अलावा दांई पांडु बेसिन नहर 18.65 किलोमीटर और बांई पांडु बेसिन नहर 29 किलोमीटर लंबी है। इन सभी नहरों का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।