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Sonebhadra News: ग्राम पंचायतों में हर छठवां मतदाता संदिग्ध, 2.27 लाख डुप्लीकेट

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सोनभद्र। पंचायत चुनाव की मतदाता सूची में जिले की ग्राम पंचायतों में हर छठवां मतदाता संदिग्ध है। कुल 12.68 लाख मतदाताओं में से 2.27 लाख ऐसे नाम चिह्नित किए गए हैं, जिनके डुप्लीकेट होने की संभावना है। मतदाता सूची में ये नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज हैं। कोई नाम एक ही गांव में अलग-अलग पते पर है तो कोई आसपास के दूसरे गांव की सूची में भी है। बीएलओ को घर-घर जाकर उनकी स्पष्ट पहचान करने को कहा गया है। सत्यापन के आधार पर डुप्लीकेट नाम सूची से हटाए जाएंगे।
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अगले वर्ष होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए मतदाता सूची का सत्यापन 19 अगस्त को शुरू हुआ था। पहले चरण में आयोग ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) की मदद से ऐसे नामों को चिह्नित किया है, जो सूची में एक से ज्यादा बार दर्ज हैं। एक ही गांव या ब्लॉक के अलग-अलग गांवाें में उसी नाम के मतदाता का विवरण अंकित है। मतदाता सूची को पारदर्शी बनाने के लिए आयोग ने ऐसे नामों को संदिग्ध की श्रेणी में रखते हुए गहन सत्यापन के निर्देश दिए हैं। इनके मूल पते की पहचान कर सूची में बाकी स्थानाें से नाम हटाए जाएंगे। इस संशोधन से मतदाता सूची में व्यापक बदलाव होने की संभावना है। माना जा रहा है कि डुप्लीकेट नाम हटेंगे तो न सिर्फ चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी होगी, बल्कि मतदान प्रतिशत में भी इजाफा हो सकेगा।
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...तो बदल जाएगा गांव का चुनावी परिदृश्य
पंचायताें का चुनाव सबसे कठिन माना जाता है। यहां एक-एक वोट की अहमियत होती है। पिछले चुनाव में कई गांवों में जीत-हार का फैसला बेहद मामूली वोटों से हुआ था। कुछ जगहों पर टॉस से विजेता तय करने की नौबत आई थी। ऐसी स्थिति में हजारों की संख्या में नाम हटाए जाने का असर चुनावी परिदृश्य पर पड़ना तय है। हालांकि सिर्फ वही नाम हटाए जाने हैं, जो एक ही व्यक्ति के हैं और एक से अधिक स्थानों पर दर्ज है। नाम काटने से पहले उनसे पुख्ता प्रमाण मांगे जाएंगे। फिर भी डुप्लीकेट वोटरों का सत्यापन शुरू होने के बाद कई संभावित दावेदारों की चिंताएं बढ़ने लगी हैं। चुनाव में लाभ के लिए ही कई संभावित दावेदार अपने पक्ष के लोगों के नाम सूची में शामिल करा लेते हैं।
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नाम जुड़ते गए, कटे नहीं
जिले में तमाम परिवार ऐसे हैं, जिन्हाेंने नौकरी, व्यापार, बच्चों की पढ़ाई, इलाज सहित अन्य कारणों से मूल निवास को छोड़कर अन्यत्र ठिकाना बना लिया है। अब ज्यादातर समय नए पते पर रहने के कारण उन्होंने वहां की मतदाता सूची में अपना नाम शामिल करा लिया है। गांव में परिवार के बड़े-बुजुर्गों के साथ उनके नाम भी सूची में बने हुए हैं। चुनावों में वह अपनी रुचि के अनुसार वोट देने पहुंचते हैं। नियमानुसार एक व्यक्ति एक ही जगह मतदाता रह सकता है। इसकी जिम्मेदारी मतदाता और सत्यापन करने वाले बीएलओ दोनों की है। बीएलओ नए आवेदन लेकर नाम तो जोड़ते हैं, लेकिन काटने से हिचकते रहते हैं।
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कहां-कितने डुप्लीकेट वोटर::
ब्लॉक: कुल मतदाता: संभावित डुप्लीकेट वोटर
घोरावल: 171706: 40821
रॉबर्ट्सगंज: 191098: 38862
करमा: 131301: 25892
नगवां: 65201: 9245
चतरा: 88705: 17366
चोपन: 143426: 25340
कोन: 83348: 10840
दुद्धी: 124427: 18626
बभनी: 80203: 10948
म्योरपुर: 190174: 29661
कुल: 1268609: 227601
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वर्जन्...
जिले की मतदाता सूची में 2.27 लाख से ज्यादा संभावित डुप्लीकेट मतदाता चिह्नित किए गए हैं। इनके गहन सत्यापन के लिए बीएलओ की ड्यूटी लगाई गई है। घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करने और उसी के अनुसार सूची दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। पुनरीक्षण का काम 29 सितंबर तक चलेगा। - जगरूप सिंह पटेल, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी, सोनभद्र।
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