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अतिक्रमण की जद में आई कई दुकानों को प्रशासन ने जेसीबी से कराया जमींदोज

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ओबरा में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में जेसीबी से तोड़ी जातीं दुकानें। - फोटो : SONBHADRA
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ओबरा। ओबरा सी परियोजना की जद में अतिक्रमण कर चल रही कई दुकानों को शनिवार को प्रशासन की टीम ने हटवा दिया। मुख्य बाजार में सुभाष तिराहे से आंबेडकर चौराहे तक दर्जन भर से अधिक दुकानों को जेसीबी से गिरवा दिया। इसी के साथ चार दशक से आबाद बाजार को बचाने के व्यापारियों के प्रयास नाकाफी साबित हुए।
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जिला प्रशासन के निर्देश पर शनिवार को एसडीएम प्रकाश चंद की मौजूदगी में अतिक्रमण कर बनी दुकानों को शनिवार को जेसीबी मशीन से जमींदोज कर दिया गया। प्रशासन के सख्त रुख को देख कई दुकानदार अपनी दुकान खाली कर स्वयं सामान हटाने में जुट गए। प्रशासन ने बाजार क्षेत्र के प्रमुख मार्गों पर आने जाने वालों पर रोक लगाते हुए सुरक्षा की दृष्टि से एक तहसीलदार, जनपद के तीन क्षेत्राधिकारी, दस थाना प्रभारी, दर्जनों उप निरीक्षक और बड़ी संख्या में सिपाहियों को तैनात किया था। फायर विभाग, एंबुलेंस तथा पीएसी की तीन बटालियन तैनात रही। निर्माणाधीन 1320 मेगावाट की सी परियोजना की जद में आए 105 दुकानदारों को जिला प्रशासन ने लगातार नोटिस देकर जमीन खाली करने का निर्देश दिया था। संबंधित दुकानों ने दुकानें न हटाकर आंदोलन शुरू किया था।
कई दुकानदारों के घरों में नहीं जले चूल्हे
ओबरा। स्थानीय सी परियोजना की जद में आए दुकानों के हटाए जाने से कई दुकानदारों के घरों में शनिवार को चूल्हे नहीं जले। ये दुकानदार सड़क की पटरी के किनारे लगभग 40 वर्षों से अस्थायी दुकानें बनाकर अपने परिवार का पालन पोषण करते आ रहे थे। दुकानों के उजड़ने से उनके सम्मुख बच्चों को पालने व शिक्षा का संकट खड़ा हो गया है। व्यापारियों ने जिला प्रशासन से जांच कर गरीब असहाय दुकानदारों की मदद करने की मांग की है।
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ओबरा सी परियोजना का बाउंड्रीवाल बनाने से असंतोष
ओबरा। अतिक्रमण हटने के साथ ही भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच परियोजना प्रशासन ने मुख्य सड़क से लगभग सात फीट की दूरी पर सी परियोजना का बाउंड्रीवाल बनाना शुरू कर दिया। इसको लेकर लोगों में आक्रोश है। लोगों ने बताया कि बाजार का मुख्य मार्ग होने के कारण परियोजना प्रशासन को वीआईपी रोड की तरह सड़क से 15 फीट जमीन छोड़कर बाउंड्रीवाल बनाना चाहिए था। सड़क से सटकर बाउंड्रीवाल बनाने से गाड़ियों के आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। व्यापारियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सड़क से 15 फीट छोड़कर परियोजना प्रशासन अपनी बाउंड्रीवाल बनवाए जिससे भविष्य में सड़क का चौड़ी कारण भी किया जा सके।
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