घोरावल ब्लॉक के कुसी निस्फ गांव के रोजगार सेवक अमित दुबे को एंटी करप्शन टीम ने 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। मनरेगा में मस्टररोल भरने के एवज में वह प्रधान पुत्र से रिश्वत ले रहा था। शाहगंज कस्बे के जिला सहकारी बैंक शाखा के पास से टीम उसे गिरफ्तार कर थाने ले गई। पुलिस संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर छानबीन में जुट गई है।
कुसी निस्फ ग्राम पंचायत के सिलहटा गांव में वित्तीय वर्ष 2023-24 में मनेरगा के तहत तालाब पर कार्य हुआ था। इसी में मजदूराें का मस्टररोल नहीं भरा जा सका, जिससे भुगतान अटका था। आरोप है कि प्रधान ने रोजगार सेवक को मस्टररोल भरने को कहा तो उसने 30 हजार रुपये की रिश्वत मांगी।
काफी कोशिशों के बाद भी बात न बनने पर गत सोमवार को प्रधान पुत्र समर प्रताप सिंह ने एंटी करप्शन टीम मिर्जापुर से संपर्क किया। इंस्पेक्टर अशोक कुमार सिंह, विनय सिंह के नेतृत्व में टीम बुधवार को शाहगंज पहुंची और रोजगार सेवक को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। शाहगंज कस्बे के सहकारी बैंक के पास प्रधान पुत्र ने रोजगार सेवक को रुपये देने के लिए बुलाया।
यहां जैसे ही पांच-पांच सौ के नोट में तीस हजार रुपये रोजगार सेवक ने थामे, एंटी करप्शन टीम ने उसे पकड़ लिया। निरीक्षक अशोक कुमार सिंह ने बताया कि रोजगार सेवक को शाहगंज थाने में सौंप दिया गया है। संबंधित धाराओं में केस दर्ज कराया जा रहा है। मामले में किसी अन्य की संलिप्तता मिली तो उसे भी जांच में शामिल किया जाएगा।
15 दिनों में एंटी करप्शन की दूसरी कार्रवाई
एंटी करप्शन इकाई मिर्जापुर की टीम ने पिछले 15 दिनों में दूसरी बार जिले से रिश्वतखोर को दबोचा है। इससे पहले 20 जून को बाट माप विभाग के लैब अटेंडेंट संजीव जायसवाल को दस हज़ार रुपये की रिश्वत लेते रॉबर्ट्सगंज में चंडी तिराहा के पास से पकड़ा था। वह पीडीडीयू नगर निवासी बाट-माप पंजीयन व मरम्मत के अधिकृत लाइसेंसी नंदलाल गुप्ता से रिश्वत ले रहा था। इस मामले में टीम ने विभागीय निरीक्षक को भी आपराधिक षडयंत्र रचने के तहत आरोपी बनाया था।