बभनी थाना क्षेत्र के जंगली हाथी के चहलकदमी से नष्ट मक्का की फसल।
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जिले से सटे छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में एक बार फिर से 12 हाथियों के दल ने मंगलवार को 15 एकड़ से अधिक धान और मक्के की फसल को नुकसान पहुंचाया है। दो गांवों में कई घरों को भी नष्ट कर चुके है। पड़ोसी राज्य में हाथियों का उत्पात जारी रहने से सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों में भय व्याप्त है।
वन कर्मियों के लाख प्रयाय करने के बाद भी हाथियों का उत्पात कम नहीं हो रहा है। मंगलवार को भी हाथियों के झुंड ने फसलों को बर्बाद कर दिया। इससे जंगल के किनारे झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले ग्रामीण दहशत में है। ग्रामीण रात में पंचायत भवन और स्कूलों को अपना अस्थाई आशियाना बनाकर रातजगा करने पर मजबूर हैं। वहीं वन विभाग के अधिकारी ग्रामीणों के क्षतिपूर्ति का आंकलन कर उन्हें मुआवजा दिलाने की बात कह रहे हैं। हाथियों के इस दल में 6 मादा, 3 नर, 3 शावक हाथी शामिल हैं। इस संबंध में उप वन मंडल अधिकारी श्याम सिंह देव का कहना है कि हाथी अब भी गिरवानी और सोनपुर के जंगलों में मौजूद हैं। ग्रामीणों को हाथियों से दूर रहने की हिदायत दी गई है। साथ ही हाथियों के दल से प्रभावित होकर आश्रय स्थलों में रह रहे ग्रामीणों को राशन और बर्तन उपलब्ध करवा दिया है। कहा कि वर्तमान समय में हाथियों का झुंड सोनहत के जंगल में है। टीम हाथियों को जंगल में खदेड़ने में जुटे हैं।