बारिश न होने से तपिश की मार झेल रहे प्रदेश में बिजली की मांग तेजी से बढ़ रही है। मई में 25 हजार मेगावाट का आंकड़ा पार कर रिकार्ड बना चुकी बिजली की मांग ने जून के दूसरे सप्ताह के बुधवार को 26 हजार का आंकड़ा भी पार कर दिया। गर्मी का असर देखते हुए निगम के अफसर भी इस वर्ष अधिकतम मांग 27 हजार तक पहुंचने की बात कर रहे हैं। वहीं बृहस्पतिवार को मांग के आंकड़े में 525 मेगावाट की कमी देखी गई।
इन दिनों सूबे में तपिश की मार से सभी परेशान हैं। ऐसे में राहत पाने के लिए घरों में नए-नए इलेक्ट्रानिक उपकरण भी खूब इस्तेमाल किए जा रहे हैं। इन इलेक्ट्रानिक उपकरणों के इस्तेमाल से बिजली की मांग दिनों दिन बढ़ रही है। मई में ही 25 हजार मेगावाट का आंकड़ा पार कर चुकी बिजली की मांग ने जून के दूसरे सप्ताह में ही नया रिकार्ड दर्ज किया। बुधवार को बिजली की मांग 26192 मेगावाट थी। वहीं बृहस्पतिवार को आंकड़े में कमी भी हुई तो मात्र 525 मेगावाट की। निगमों के अधिकारियों की मानें तो जल्द वर्षा प्रारंभ न होने पर बिजली की मांग 27 हजार मेगावाट के आंकड़ा पार कर नया रिकार्ड कायम करेगी। वहीं न्यूनतम मांग में कोई खास बढ़त दर्ज नहीं की जा रही है। न्यूनतम और अधिकतम मांग के बीच छह हजार मेगावाट का ही अंतर है।