अनपरा (सोनभद्र)। प्रदेश में बिजली की अधिकतम मांग रविवार को पीकऑवर में 3121 मेगावाट बढ़कर 21 हजार मेगावाट के पार चली गई। मांग की पूर्ति के लिए निगम सहित निजी क्षेत्रों की इकाइयों को पूर्ण क्षमता के साथ संचालित किया गया। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में आए आंधी तूफान के चलते बिजली की मांग में भारी गिरावट आई थी। निगम सहित निजी क्षेत्र की इकाइयों से थर्मल बैकिंग कराई गई। इस बीच मौसम सामान्य होने पर रविवार को बिजली की मांग में 3121 मेगावाट की वृद्धि दर्ज की गई। 24 घंटे पूर्व बिजली की अधिकतम मांग 18552 मेगावाट थी, जो रविवार को 21673 मेगावाट पर आ गई। पीकऑवर में अनपरा तापीय परियोजना की 500 मेगावाट की पांचवीं इकाई से 501 और एमईआईएल समूह की अनपरा एनर्जी लिमिटेड की दूसरी इकाई से 600 मेगावाट का रिकाॅर्ड उत्पादन हुआ। निगम सहित निजी क्षेत्रों की अन्य इकाइयां भी पूर्ण क्षमता से उत्पादनरत रहीं।
सुबह इकाइयों से कराई गई थर्मल बैकिंग
रविवार की सुबह प्रदेश में बिजली की मांग कम होने के कारण उत्पादन निगम की 2630 मेगावाट की अनपरा तापीय परियोजना से कुल 1183 मेगावाट और निजी क्षेत्र की 1200 मेगावाट की एमईआईएल समूह की अनपरा एनर्जी लिमिटेड से कुल 576 मेगावाट की थर्मल बैकिंग कराई गई। देर शाम सभी इकाइयों से थर्मल बैकिंग हटाकर उन्हें पूर्ण क्षमता से चलाया गया।