कोतवाली क्षेत्र के सोतिल गांव में शनिवार को लोहे के दरवाजे में उतर रहे करंट की चपेट आने से किशोरी की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।
सोतिल गांव निवासी आदित्य नारायण विश्वकर्मा के घर का दरवाजा लोहे का है। घर के सामने से 11 हजार वोल्ट प्रवाहित करंट का तार गुजरा हुआ है। तार किसी तरह लोहे के दरवाजे के संपर्क में आया और करंट उतरने लगा। परिवार के लोग इससे अन्जान थे।
शनिवार की सुबह करीब आठ बजे आदित्य की बेटी अंजलि (14) लोहे के दरवाजे से सटकर खड़ी हो गई। उसमें प्रवाहित करंट की चपेट में आने से वह झुलस गई। चीख-पुकार सुनकर परिजन माैके पर पहुंचे तो दृश्य देख सन्न रह गए। आनन फानन में किशोरी को करंट से छुड़ाकर सीएचसी ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
अंजलि कक्षा आठवीं की छात्रा थी। घोरावल सीएचसी में अंजलि की मां रोते-रोते बार-बार बेसुध हो जा रही थी। अंजलि के पिता ने बताया कि वह शुक्रवार को मिर्जापुर जिला के कलवारी क्षेत्र में अपने पाही पर गए थे, जबकि घटना के समय अंजलि की मां घर के बाहर गोबर के कंडे पाथ रही थी। पुलिस ने घोरावल सीएचसी पहुंचकर परिजनों से घटना की जानकारी ली। प्रभारी निरीक्षक कमलेश पाल ने बताया कि किशोरी के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है।