ग्रामीणों को समझाते अधिकारी
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गुस्साए ग्रामीणों ने गिलट बाजार से बाबतपुर मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया। इससे यातायात ठप हो गया। परिजनों और ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और एक करोड़ के मुआवजे की मांग की। तनाव की स्थिति को देख एसडीएम नितिन सिंह और एसीपी कैंट अपूर्व पांडेय सहित थानों की पुलिस फोर्स पहुंची। दोनों अधिकारियों ने आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाने और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। नौ बजे लगभग तीन घंटे से लगे जाम को समाप्त कराया गया।
अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना का मुख्य कारण सुद्धिपुर चौराहे के पास सड़क पर फैली मिट्टी थी। वीर नगर कॉलोनी निवासी अजीत सिंह के मकान निर्माण के लिए यह मिट्टी मुख्य सड़क पर गिराई गई थी। तेज रफ्तार डीसीएम सड़क पर फैली मिट्टी पर चढ़कर अनियंत्रित हो गई। इसके बाद डीसीएम पलट गई, जिसकी चपेट में पिता-पुत्र आ गए। यह पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।
परिवार पर टूटा दूसरा पहाड़
मृतक छेदी लाल प्रजापति के परिवार पर तीन महीने में दूसरा बड़ा संकट है। परिजनों ने पुलिस को बताया कि छेदी लाल के दो बेटे थे। बड़े बेटे बनारसी (45) की तीन महीने पहले ही ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई थी। बनारसी के चार छोटे बच्चे हैं। अब इस हादसे में पिता छेदी लाल की भी मौत हो गई है। दूसरा बेटा काशी गंभीर रूप से घायल है। 10 लोगों के परिवार का भरण-पोषण अब कैसे होगा, इसे लेकर पत्नी दुर्गावती और दोनों बहुओं रामवती व आरती समेत पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। एसडीएम नितिन सिंह और एसीपी अपूर्व पांडेय ने परिजनों को आश्वस्त किया कि न्याय और सरकारी मुआवजे को दिलवाया जाएगा।
अधिकारी बोले
बेटे काशी की तहरीर पर गाड़ी के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर अज्ञात चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। -अपूर्व पांडेय, एसीपी कैंट