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सीपू सिंह हत्याकांड: बवाल में 49 नामजद और 1000 अज्ञात पर दर्ज मुकदमे वापस, 13 साल पहले हुई थी घटना

Mon, 29 Jun 2026 11:09 AM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़।

सार

Azamgarh News: सीपू सिंह हत्याकांड के बाद हुए बवाल में 49 नामजद और एक हजार अज्ञात लोगों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए गए। 19 जुलाई 2013 को घटना हुई थी। जिसके बाद ग्रामीण और पुलिस के बीच जमकर बवाल हुआ था। ग्रामीणों में पुलिस के हथियार तक लबट लिए थे। 
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सीपू की हत्या के बाद आक्रोशित भीड़ द्वारा फूंकी गई थी पुलिस की वैन। - फोटो : अमर उजाला आर्काइव
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विस्तार
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सगड़ी से सपा के पूर्व विधायक सर्वेश सिंह उर्फ सीपू हत्याकांड के बाद हुए बवाल और आगजनी के मामले में 49 नामजद और 1000 अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज मुकदमे शासन ने वापस ले लिए हैं। अभियोजन विभाग के प्रार्थना पत्र पर अदालत ने शनिवार को इन मुकदमों को वापस लेने की अनुमति दी। बसपा की पूर्व विधायक व पत्नी वंदना सिंह ने इसे जनहित में लिया गया निर्णय बताया है।

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इस मामले में दो प्राथमिकी दर्ज की गई थीं। पहले में 49 लोगों को नामजद और एक हजार अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया था। पुलिस अब तक इस मामले में 42 आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है। दूसरे मामले में 21 आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

सर्वेश सिंह उर्फ सीपू की हत्या 19 जुलाई 2013 को जीयनपुर स्थित उनके आवास पर हुई थी। मामले में माफिया ध्रुव सिंह उर्फ कुंटू सिंह सहित 11 लोगों को आरोपी बनाया गया था। सीपू सिंह की हत्या के बाद जीयनपुर में भारी बवाल हुआ था। आक्रोशित जनता और पुलिस आमने-सामने थी। ग्रामीणों ने पुलिस के हथियार लूट लिए थे। उनके वाहनों को जला दिया था।

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बोलीं पूर्व विधायक
पूर्व विधायक वंदना सिंह ने बताया कि मेरे पति की 19 जुलाई 2013 को बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस की तरफ से 49 लोगों नामजद और 1000 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। साल 2017 में जब मैं विधायक बनी तबसे इनके हक की लड़ाई लड़ रही थी। संघर्ष के बाद मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री योगी के प्रयास के बाद सभी मुकदमे वापस लिए गए हैं।

क्या बोले अधिकारी
पूर्व विधायक सर्वेश सिंह की हत्या के बाद हुए बवाल में दर्ज मुकदमे शासन ने वापस ले लिए हैं। बीते तीन दिन से अवकाश होने के कारण आदेश पत्र अभी शासन से नहीं मिला है। आदेश पत्र आने के बाद ही आगे की कार्यवाही की जाएगी। -डॉ. अनिल कुमार, पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ 
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बोले नामजद
  • मुझको भी इस मामले में आरोपी बनाया गया था। पुलिस फायरिंग के दौरान मेरे हाथ में गोली लगी थी। इस प्रकरण की लड़ाई स्वर्गीय सर्वेश सिंह सीपू के भाई संतोष सिंह टीपू और उनकी पत्नी पूर्व विधायक वंदना सिंह लड़ रहीं थीं। -ज्ञानेंद्र मिश्रा 
  • पुलिस ने हम लोगों को आरोपी बनाया गया था। पूर्व विधायक स्व. सर्वेश सिंह के साथ रहने के कारण ऐसा किया गया। उनकी पत्नी वंदना सिंह और उनके भाई संतोष सिंह टीपू ने लड़ाई लड़ी। सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलकर पुरजोर प्रयास किया, इस कारण हम लोगों को कोर्ट ने निर्दोष साबित किया गया। -मनीष चौरसिया 
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