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कल से शहरी क्षेत्र में खुल जाएंगे रैन बसेरा

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सोनभद्र। मौसम का मिजाज बदलने के साथ ही ठंड बढ़ने लगी है। भोर और रात में ठंड से सिहरन महसूस होने लगी है। ऐसे में राहगीरों, निराश्रित व कमजोर वर्ग को ठंड से बचाने के लिए नगरीय क्षेत्रों में दस नवंबर से आठ रैन बसेरे खोल दिए जाएंगे। जिलाधिकारी एस. राजलिंगम ने नगर पालिका राबर्ट्सगंज समेत सभी नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों को रैन बसेरों को चालू कराते हुए रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
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फिलहाल रैन बसेरे अभी शहरी क्षेत्रों में ही खुलेंगे। कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए रैन बसेरों में महिलाओं एवं पुरुषों के बिस्तर और शौचालय की व्यवस्था अलग-अलग रहेगी। रैन बसेरों में गद्दे, कंबल, पेयजल, किचेन आदि की व्यवस्था रहेगी। जिलाधिकारी ने नगर पालिका राबर्स्ट्सगंज, नगर पंचायत घोरावल, चोपन, ओबरा, रेणुकूट, पिपरी और दुद्धी के अधिशासी अधिकारियों को दस नवंबर से रैन बसेरों को चालू कराकर उसमें जरूरतमंदों को रखने का निर्देश दिया है। इसको लेकर रविवार को सभी ईओ अपने-अपने क्षेत्रों में रैन बसेरा खोलने के लिए स्थानों का चयन करने में जुटे रहे। राबर्ट्सगंज स्थित शेल्टर हाउस मेें रैन बसेरा खोला जाएगा। यहां 50 लोगों के ठहरने की व्यवस्था है। वर्तमान में शेल्टर हाउस में जिला कारागार गुरमा के तीन बंदियों को कोरोना की जांच कराने के लिए रखा गया है। इसकी रिपोर्ट नगर पालिका के ईओ प्रदीप गिरि ने उच्चाधिकारियों को दे दी है। ईओ प्रदीप गिरि का कहना है मंगलवार से रैन बसेरा चालू हो जाएगा। बता दें कि वर्ष 2019 में राबर्ट्सगंज स्थित आश्रय स्थल को स्थायी रैन बसेरा और सभी नगर पंचायतों में एक-एक अस्थायी रैन बसेरा बनाया गया था।
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जिला जेल में शिफ्ट होंगे आश्रय स्थल में रखे गए बंदी
सोनभद्र। कोराना संक्रमण को देखते हुए जिलाधिकारी एस. राजलिंगम ने राबर्ट्सगंज नगर पालिका क्षेत्र में स्थित स्थायी आश्रय स्थल को अस्थायी जिला कारागार बनवाया था। उन्होंने अस्थायी जेल का कार्यकारी मजिस्ट्रेट एसडीएम सदर और कारापाल के रूप में नायब तहसीलदार को नामित किया था। आश्रय स्थल में जिला कारागार के संक्रमित कोरोना पीड़ित बंदियों को रख कर उनका उपचार किया जा रहा था लेकिन रविवार को डीएम ने ठंड को देखते हुए आश्रय स्थल को अस्थायी कारागार से मुक्त करते हुए उसमें रखे गए बंदियों को जिला कारागार मेें शिफ्ट करने का निर्देश दिया है।
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घोरावल में नहीं है स्थायी रैन बसेरा
घोरावल। नगर पंचायत घोरावल में स्थायी रैन बसेरा नहीं है। ठंड के मौसम में नगर पंचायत कार्यालय परिसर में स्थित सामुदायिक भवन को ही अस्थायी रैन बसेरा बनाया जाता है। नगर पंचायत अध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि घोरावल नगर में स्थायी रैन बसेरा का निर्माण नहीं किया गया है। सामुदायिक भवन को अस्थायी रैन बसेरा का रूप दिया जाता है ताकि जरूरत पड़ने पर राहगीरों और जरूरतमंदों को रखा जा सके। इस अस्थायी रैन बसेरा में दस बेड लगाए जाते हैं और देखरेख के लिए एक कर्मचारी रखा जाता है। यहां पेयजल, शौचालय की पर्याप्त व्यवस्था है। यहां सफाई का काम चल रहा है।
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नगर पालिका राबर्ट्सगंज समेत सात नगर पंचायतों में दस नवंबर से रैन बसेरे शुरू हो जाएंगे। जरूरत पड़ी तो चिकित्सालयों, बस स्टेशन और रेलवे स्टेशनों, मजदूरों के काम करने के स्थानों पर भी रैन बसेरों की व्यवस्था की जाएगी। रैन बसेरों में सोशल डिस्टेसिंग का पालन कराया जाएगा।-योगेंद्र बहादुर सिंह, अपर जिलाधिकारी
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