विधानसभा चुनाव निष्पक्ष कराए जाने के लिए चुनाव आयोग की तरफ से तमाम बदलाव किए गए हैं। इसमें आबकारी विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारियों को चुनाव ड्यूटी से दूर रखने का फैसला किया गया है। ताकि चुनाव के दौरान शराब तस्करी पर रोक लगाई जा सके। इसके साथ ही अनुदेशक, शिक्षामित्र और आंगनबाड़ियों की चुनाव ड्यूटी नहीं लगाई जाएगी।
जिले में आखिरी चरण यानी सात मार्च को विधानसभा चुनाव होगा। चुनाव सकुशल संपन्न कराने के लिए चुनाव आयोग के साथ ही जिला प्रशासन की तरफ से तैयारियां की जा रही हैं। कम मतदान वाले बूथों पर मत प्रतिशत बढ़ाने के लिए जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। जिले के करीब 1613 पोलिंग बूथों पर विधानसभा चुनाव कराए जाने के लिए शिक्षामित्र, अनुदेशक और आंगनबाड़ियों की भी ड्यूटी लगाई गई है। चुनाव आयोग की ओर से आए निर्देश के बाद शिक्षामित्र, अनुदेशक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ड्यूटी भी चुनाव में नहीं लगाई जाएगी। नए आदेश के तहत आबकारी विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों की भी चुनाव ड्यूटी नहीं लगेगी। इस संबंध में सहायक निर्वाचन अधिकारी जगरूप सिंह पटेल का कहना है कि चुनाव में सरकारी कर्मचारियों की ही ड्यूटी लगाई जानी है। आबकारी विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारियों में ड्यूटी नहीं लगाई गई है। जिन शिक्षामित्र, अनुदेशक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के ड्यूटी सूची में शामिल है, उनके स्थान पर दूसरे कर्मचारियों को लगाया जाएगा।