सोनभद्र जिला कारागार का निरीक्षण करते डीएम एस राजलिंगम और एसपी आशीष श्रीवास्तव।
- फोटो : SONBHADRA
सोनभद्र। जिला कारागार में शनिवार को पुलिस बल के साथ डीएम एस. राजलिंगम और एसपी आशीष श्रीवास्तव ने छापा मारा। इस दौरान पुलिस कर्मियों ने संदिग्ध बंदियों की तलाशी ली। इससे बंदियों में खलबली मच गई थी।
अधिकारियों को सूचना मिली थी कि जेल में कुछ बंदी मोबाइल का प्रयोग कर रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए भारी पुलिस बल के साथ डीएम और एसपी ने अचानक जिला कारागार पहुंचे। अचानक अधिकारियों को देख जेल कर्मियों में खलबली मच गई। अधिकारियों ने बैरकों में जाकर बंदियों से पूछताछ की। महिला पुलिस कर्मियों ने संदिग्ध महिला बंदियों की भी तलाशी लेकर उनसे पूछताछ किया। डीएम ने बंदियों से भोजन, पेयजल आदि के बारे में भी पूछताछ किया। जेल अधीक्षक मिजाजी लाल ने बताया कि एक बंदी द्वारा मोबाइल का प्रयोग करने की सूचना मिली थी। लेकिन उनके स्तर से जांच की गई तो झूठी निकली। डीएम और एसपी ने भी जिस बंदी पर मोबाइल का प्रयोग करने का आरोप था, उससे पूछताछ किया। जेल अधीक्षक ने कहा कि जेल के अंदर कोई बंदी मोबाइल आदि का प्रयोग नहीं कर रहा है।
-
इनसेट
बंदियों को राहत पहुंचाने के मामले का पर्दाफाश,
सलखन। जिला कारागार में कुछ बंदियों को राहत पहुंचाने का मामला प्रकाश में आया है। जेल में रहते हुए एक बंदी द्वारा दो मोबाइल नंबर से करीब 13,672 बार अलग-अलग बात करने की है। इसका खुलासा वाराणसी के भेलूपुर के पूर्व सीओ ने अपनी जांच रिपोर्ट में की है। इस संबंध में जेल अधीक्षक मिजाजी लाल का कहना है कि उनके यहां निरूद्व किसी बंदी द्वारा मोबाइल का प्रयोग नहीं किया जा रहा है।