एनसीएल बीना में रोजगार की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपते स्थानीय लोग।
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अनपरा। नार्दर्न कोल फिल्ड्स लिमिटेड की बीना परियोजना में अधिभार के खनन व अभिवहन के कार्य मे रोजगार को लेकर विस्थापितों ने बृहस्पतिवार को महाप्रबंधक कार्यालय बीना परिसर में एनसीएल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते किया। साथ रोजगार उपलब्ध कराये जाने की मांग करते हुए महाप्रबंधक को ज्ञापन सौपा।
विस्थापित नेता अंकुश दुबे ने कहा कि कोल इंडिया की पुनर्वास-पुर्नस्थापन नीति-2012, एनआईटी मे भूमि अधिग्रहण से प्रभावित परिवार के सदस्यों को रोजगार दिए जाने का प्रावधान है। लेकिन भूमि अधिग्रहण से प्रभावितों को रोजगार के अवसर उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। एनसीएल प्रबंधन की उदासीनता के कारण एनसीएल मे संचालित अधिभार के खनन व अभिवहन के कार्य मे विस्थापितों के लिए सृजित रोजगार का बिचौलियों द्वारा अधिभार अधिकारियों के साथ मिलकर व्यापार किया जाता है। जिससे विस्थापित रोजगार से वंचित है तथा रोजी-रोटी के मोहताज है। विस्थापितों ने जिलाधिकारी-सोनभद्र की अध्यक्षता में विस्थापित प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक आयोजित कर रोजगार उपलब्ध कराने की पारदर्शी प्रक्रिया निर्धारित कर रोजगार उपलब्ध कराये जाने की मांग की । कहा कि इस दिशा में यदि पहल नही की गयी तो आगे आंदोलन को और कड़ा किया जाएगा। इस दौरान प्रदर्शन कर रहे विस्थापितों के साथ एससीएल के कुछ अधिकारियों की नोकझोंक भी हुईं। जिससे नाराज विस्थापित धरने पर बैठ गए। कुछ देर बाद दोनों तरफ से पहल होने से मामला शांत हुआ। इस अवसर पर कांग्रेस नेता मनोनीत रवि, आदिवासी नेता हरिनाथ खरवार, सेवादल महासचिव दयासागर दुबे, सामाजिक कार्यकर्ता रविन्द्र भारती, राकेश पनिका, ओम प्रकाश दुबे, विस्थापित नेता नीरज सिंह गहरवार, नीरज पांडेय, जनमेजय पनिका, उपेन्द्र पाण्डेय, विनोद शर्मा, याकुब मिर्जा आदि मौजूद रहे।