राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अंजू चौधरी ने बृहस्पतिवार को महिला कल्याण से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा की। पीड़ित महिलाओं की समस्याएं सुनी। वन स्टॉप सेंटर, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय और मातृ-शिशु अस्पताल का निरीक्षण किया। विद्यालय और अस्पताल में साफ-सफाई की दुर्व्यवस्था पर कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधितों को सुधार की सख्त हिदायत दी।
आयोग की उपाध्यक्ष सबसे पहले वन स्टॉप सेंटर पहुंची। निरीक्षण के दौरान उन्होेने महिलाओं और बालिकाओं के उत्पीड़न से संबंधित की गई कार्रवाई के बाबत सेंटर प्रभारी सीमा देवी से जानकारी ली। सभी शिकायतों का शासन की मंशा के अनुरूप निराकरण सुनिश्चित कराने को कहा। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई की व्यवस्था ठीक नहीं पाई गई। वार्डन को साफ-सफाई बेहतर करने के निर्देश दिए। यह भी कहा कि जो छात्राएं अभी तक विद्यालय में नहीं आ रही हैं, उनके अभिभावक से संपर्क कर उन्हें विद्यालय में आने के लिए प्रेरित करें।
सौ बेड के मातृ-शिशु इकाई के निरीक्षण में भी सफाई व्यवस्था ध्वस्त देख चिकित्सालय के प्रभारी को फटकार लगाई। सुधार के साथ निर्धारित मानक के अनुसार दवा व भोजन आदि समय से उपलब्ध कराने को कहा। निरीक्षण के दौरान साधना मिश्रा, सीमा द्विवेदी, शेषमणि दुबे, नीतू यति सिंह, इंद्रावती, महिला थाना प्रभारी संतू, मनोज मिश्रा आदि मौजूद रहे। निरीक्षण के बाद कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई के दौरान आई महिलाओं की शिकायतों को सुना। महिला कल्याण के लिए संचालित स्वास्थ्य, शिक्षा, समाज कल्याण, पुलिस व अन्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा की। आयोग की उपाध्यक्ष ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं को पात्र व्यक्तियों तक समय से पहुंचाएं। बैठक में एसडीएम सदर रमेश कुमार, सीओ सिटी राजकुमार त्रिपाठी, सीएमओ डॉ. आरएस ठाकुर, बीएसए हरिवंश कुमार, डीडीओ शेषनाथ, जिला प्रोबेशन अधिकारी पुनीत टंडन, जिला अल्पसंख्यक अधिकारी राजेश खैरवार, डीपीआरओ विशाल सिंह, विनय सिंह आदि मौजूद रहे।