मेडिकल काॅलेज से संबद्ध अस्पताल में डिजिटल एक्सरे सेवा पिछले दस महीने से बंद है। अब सीटी स्कैन की सेवा भी ठप पड़ गई है। यूपीएस में आग लगने से खराब हुई मशीन की मरम्मत होने से चार-पांच दिन का समय लगने की उम्मीद है।
फिलहाल कंपनी को सूचना दी गई है। अब वहां से तकनीकी टीम के आने का इंतजार है। तब तक मरीजों को बाहर ही जांच करानी होगी। अस्पताल में रोजाना औसतन 1100-1200 मरीज पहुंचते हैं। इनमें से 15 फीसदी मरीजों को एक्सरे की जरूरत होती है।
डिजिटल एक्सरे सेवा पिछले सितंबर माह से बंद है। इसके चलते उन्हें मैनुअल एक्सरे ही कराना पड़ता है। इसकी रिपोर्ट स्पष्ट न आने के कारण मरीज बाहर के केंद्रों पर जाने को विवश होते हैं। अस्पताल प्रशासन ने कई बाद मशीन की मरम्मत का प्रयास किया, मगर सफलता नहीं मिली।
करीब दस माह से बंद डिजिटल एक्सरे सेवा शुरू होने से पहले ही अब सीटी स्कैन मशीन भी बंद हो गई है। अब लोगों को सीटी स्कैन के लिए भटकना पड़ रहा है। सीटी स्कैन के लिए पीपीपी मॉडल पर संचालन की जिम्मेदारी निजी कंपनी को दी गई है।
रोजाना तीस से 40 मरीजों का सीटी स्कैन होता है। मंगलवार की सुबह मरीजों की जांच के दौरान ही मशीन के यूपीएस में शार्ट-शर्किट से आग लग गई थी। इसके चलते मशीन जल गई। सेवाएं ठप होने से बुधवार को भी मरीजों को बगैर जांच के लौटना पड़ा है।
सेवा प्रदाता कंपनी के प्रबंधक मनोज कुमार ने बताया कि मशीन की मरम्मत के लिए तकनीकी टीम को सूचना दी गई है। पार्ट्स मंगाए गए हैं। जल्द ही इसे ठीक कराकर संचालन शुरू करा दिया जाएगा।