मिर्जापुर रेंज के डीआईजी आरके भारद्वाज ने शनिवार को अग्निशमन विभाग के अफसरों के साथ बैठक कर आग से बचाव के इंतजामों की समीक्षा की। भीड़भाड़ वाले इलाकों में समय से राहत कार्य पहुंचाने के लिए पर्याप्त जलापूर्ति की व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। समय-समय पर इसका मॉक ड्रिल करते रहने के लिए भी आगाह किया। तैयारियों पर नाराजगी जताते हुए 15 दिनों में कार्ययोजना बनाकर प्रस्तुत करने को कहा।
सर्वाधिक पहाड़ी व वन क्षेत्र होने के कारण जिले में अग्नि दुर्घटना के मद्देनजर डीआईजी ने कहा कि खतरे के प्रभाव का विश्लेषण कर, आपदा न्यूनीकरण के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार करें। फायर स्टेशन के लिए भूमि की उपलब्धता, और आवंटित भूमि की जानकारी करने के साथ ही डीआईजी ने निर्देशित किया कि थाने पर उपलब्ध वाहनों-मशीनों और संसाधनों की पुन: समीक्षा कर लें। जो अक्रियाशील हैं उसे नियमानुसार निष्प्रयोज्य घोषित कर नीलामी की कार्रवाई करें। जलापूर्ति के स्रोत, फायर हाईड्रेंट, ओवरहेड टैंक, स्टैटिक टैंक, नलकूप कहां-कहां हैं, इसकी भी जानकारी ली। कहा कि अग्नि दुर्घटना के खतरों के प्रति संवेदनशील भौगोलिक क्षेत्र, नगरीय क्षेत्रों में प्रमुख प्रतिष्ठानों शॉपिंग मॉल, सिनेमा घर, स्कूल कॉलेजों आदि की सूची तैयार कर, आपातकालीन स्थिति में नगर को सुरक्षित रखने और दुर्घटना के बचाव के लिए मानक के अनुरूप 15 दिनों में कार्ययोजना तैयार कर लें।