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Sonebhadra News: डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़े, उपभोक्ता को महंगाई बढ़ने की सता रही चिंता

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कोन स्थिति एक पेट्रोल पंप पर पेट्रोल के लिए लगी भीड़।संवाद
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सोनभद्र। रसोई गैस की किल्लत झेल रहे आम उपभोक्ताओं को डीजल-पेट्रोल खरीदने के लिए भी अतिरिक्त राशि खर्च करनी पड़ेगी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़े दामों के बाद अब देश में भी डीजल-पेट्रोल महंगा हो गया है। उपभोक्ताओं के लिए यह बड़ा झटका है। इसे जहां एक तरफ लोग हालात की मजबूरी बता रहे हैं तो दूसरी ओर इससे महंगाई में वृद्धि की आशंका भी जताई जाने लगी है।
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लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ रही महंगाई के बीच ईंधन के दाम बढ़ने से घरेलू बजट पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। उपभोक्ताओं ने बताया कि हाल ही में रसोई गैस सिलिंडर के दाम बढ़ाए गए थे और अब डीजल-पेट्रोल महंगा होने से परिवहन व ट्रांसपोर्टिंग लागत भी बढ़ेगी। इसका सीधा असर खाद्य सामग्री, सब्जी, फल और अन्य रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर पड़ेगा। डीजल-पेट्रोल की कीमत बढ़ने से माल भाड़ा और यात्री किराया भी बढ़ने की संभावना है, जिससे आम जनता की मुश्किलें और बढ़ जाएंगी। उपभोक्ताओं ने सरकार से ईंधन पर लगाए गए करों में राहत देने की मांग की है।

पहले से ही महंगाई चरम पर है। पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से हर सामान महंगा हो जाएगा, इससे मध्यम वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित होगा। सरकार काे महंगाई पर रोक लगाने की जरूरत है। -रामजी मोदनवाल, रॉबर्ट्सगंज।
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गैस सिलिंडर के बाद अब डीजल-पेट्रोल महंगा होना आम परिवार के लिए चिंता का विषय है। घर की आय सीमित होने के कारण महंगाई में मुश्किल हो रहा है। सरकार को ईंधन पर लगाए गए करों से इस पर नियंत्रण करना चाहिए। -आरएन पांडेय, परसौना।

डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ेगा। इसका असर बाजार में आने वाले सभी सामानों की कीमत पर दिखाई देगा। सरकार को आम जनता को राहत देने के लिए पेट्रोल-डीजल पर टैक्स कम करना चाहिए, ताकि महंगाई पर कुछ नियंत्रण हो सके। -विनोद जालान, रॉबर्ट्सगंज।

इस वक्त पूरी दुनिया कठिन दौर से गुजर रही है। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियाें के कारण पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। ऐसे में दाम बढ़ाना मजबूरी भी है। पीएम ने इसीलिए गैर जरूरी यात्रा रोकने और पैदल चलने पर जोर दिया है। -एसपी सिंह, टैक्स बार अधिवक्ता।
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