चोपन ब्लॉक के अगोरी सतसंग में जयगुरुदेव महराज के शिष्य पंकज महराज का स्वागत करते भक्त।
- फोटो : SONBHADRA
जय गुरुदेव की 80 दिवसीय शाकाहार, सदाचार, मद्यनिषेध आध्यात्मिक वैचारिक जनजागरण यात्रा शनिवार की देर शाम जिले में पहुंची। श्रद्धालुओं ने यात्रा का जोरदार स्वागत किया। रविवार को अगोरी किले के समीप सोन नदी के किनारे जय गुरुदेव संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज जी महाराज ने प्रवचन करते हुए दया, करुणा और प्रेम का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि परमात्मा ने परमात्मा ने बड़ी दया करके यह मानव तन आत्मकल्याण के लिए दिया है। इसे लोभ-मोह में व्यर्थ न जाने दें। संत-महात्मा, फकीरों को प्रभु अपने उद्देश्य से लोगों को समझाने, चेताने के लिए भेजते हैं। वह यहां आकर मानव जीवन को पाने का असली उद्देश्य बताते हैं। बाबा जयगुरुदेव के उत्तराधिकारी ने कलयुग में सरल साधना सुरत-शब्द योग (नाम योग) का उपदेश दिया और समझाया कि इस कलयुग में साधना की तीन ही क्रिया सुमिरन, ध्यान, भजन हैं। नाम का मौन जाप सुमिरन है। पंकज जी महाराज ने युवा पीढ़ी को देश का भविष्य बताते हुए कहा कि इनमें अच्छे संस्कार डालना समय की मांग है। उन्होंने सत्संगियों से आह्वान किया कि अपने बच्चों को मथुरा दरबार से जोड़ दें ताकि गुरु परंपरा कायम रहे और आत्म कल्याण भी हो। उन्होंने जयगुरुदेव आश्रम मथुरा में 18 से 20 मार्च 22 तक होने वाले होली सत्संग में शामिल होने का आमंत्रण भी दिया। कार्यक्रम में जयगुरुदेव संगत जिला इकाई अध्यक्ष अवधू सिंह यादव, राजेंद्र प्रसाद, कैलाश चौरसिया, लक्ष्मण मौर्या, प्रभुनाथ मौर्या, बनवारी लाल गुप्ता, बृजेष यादव, संस्था के महामंत्री बाबूराम यादव, मंत्री विनय कुमार सिंह, उप्र संगत के अध्यक्ष संतराम चौधरी, बिहार के अध्यक्ष मृत्युंजय झा, दिल्ली प्रदेश के अध्यक्ष विजय पाल सिंह, बीबी दोहरे, सतीश उपाध्याय आदि मौजूद रहे।
चोपन ब्लॉक के अगोरी सतसंग में जयगुरुदेव महराज के शिष्य पंकज महराज के सतसंग में शामिल लोग।- फोटो : SONBHADRA