फ्लाईओवर कांड में चार लोगों की मौत की सीबीआई जांच की मांग को लेकर सोमवार को मृतक के परिवार वालों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन घोरावल विधायक रमेश चंद्र दूबे को सौंपा। विधायक ने ज्ञापन सीएम तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है।
मुख्यमंत्री को संबोधित पत्र में मृत रोहित कुमार और दीपेंद्र के परिवार वालों ने लिखा है कि रोहित के पिता पुलिस कर्मचारी हैं। वर्तमान में जौनपुर के बदलापुर थाने में तैनाती है। रोहित 25 अप्रैल की रात अपने मकान बभनौली (राबर्ट्सगंज) से इलाज कराने के लिए डॉक्टर के यहां जा रहा था। उसी समय उसके मोबाइल पर फोन आया।
वह अपाचे बाइक से चला गया। दूसरे बेटे अशोक सिंह ने रात में ही रोहित से बात करनी चाही तो उसका मोबाइल स्विच ऑफ मिला। भाई उमाशंकर सिंह और बेटे अशोक ने रोहित को ढूंढने की कोशिश की लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। दूसरे दिन सुबह करीब सात बजे भाई उमाशंकर सिंह को पता चला कि रोहित का शव जिला अस्पताल में पड़ा है।
जब वे वहां गए तो देखा कि रोहित, दीपू राठौर और एक अज्ञात महिला का जला हुआ शव रखा है। पिता के मुताबिक तीनों की योजनाबद्ध तरीके से हत्या की गई है। उनके भाई उमाशंकर सिंह ने कोतवाली में तहरीर दी मगर हत्या का केस दर्ज नहीं किया। इसमें घायल एक चश्मदीद गवाह प्रणव कुमार सिंह की नौवें दिन संदिग्ध हाल में मौत हो गई।
पुलिस पुल के सुरक्षा दीवार से बाइक टकराने के कारण टंकी में छेद होने से गिरे पेट्रोल से आग के चलते मौत का कारण बता रही है। पुलिस जानबूझकर तीनों की हत्या के अपराध को समाप्त करने के प्रयास में जुटी है।
अमरनाथ सिंह ने विधायक को जलती हुई बाइक की फोटो, शवगृह में बिना सील मोहर, बिना कपड़े में लपेटे नंगे शव की स्थिति, घटना स्थल पर मौजूद बाइक के टंकी की स्थिति और बाद में थाने में खींची गई बाइक के टंकी की फोटो और घटना स्थल पर जली हुई बाइक की फोटो भी सबूत के रूप में सौंपा है। इस दौरान लाल बहादुर सिंह, अनिल सिंह, विकास राय, राजेश मिश्रा, सूर्यमणि मिश्रा, अवधेश मौर्य मौजूद रहे।