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Sonebhadra News: रजाई-गद्दा और डिनर सेट समेत नौ सामानों में मिली गड़बड़ी

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सामूहिक विवाह में सामान आपूर्ति करने का ठेका लेने वाली फर्म ने कई गड़बड़ियां की हैं। सिर्फ चांदी की जगह स्टील के पायल-बिछिया ही नहीं दिए गए, बल्कि रजाई-गद्दा, बेडशीट, साड़ी, डिनर सेट सहित अन्य नौ सामानों में भी कमियां मिली हैं। काेई भी सामान मानक के अनुरूप नहीं पाया गया। डीएम के निर्देश पर गठित जांच समिति ने यह भी माना है कि जिस दर पर सामानों की आपूर्ति का ठेका लिया गया था, उस पर सामान देना संभव ही नहीं है। लिहाजा ठेकेदार की मंशा ही घटिया सामान देकर प्रशासन व सरकार की छवि बिगाड़नी रही। जांच समिति की रिपोर्ट पर अब फर्म के खिलाफ कार्रवाई तय मानी जा रही है। सीडीओ सौरभ गंगवार ने बताया कि देर रात संबंधित फर्म के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत एक जोड़े शादी पर शासन की तरफ से 51 हजार रुपये खर्च किए जाते हैं। इसमें 35 हजार रुपये नकद धनराशि दुल्हन के बैंक खाते में भेजा जाता है। इसके अलावा 10 हजार रुपये का नवदंपती को उपहार और शेष छह हजार रुपये विवाह समारोह के आयोजन पर खर्च होता है। उपहार दिए जाने वाले सामानों की गुणवत्ता भी शासन स्तर से तय की गई है। जिले में चांदी की जगह स्टील का पायल देने का खुलासा होने के बाद डीएम चंद्रविजय सिंह ने जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की थी। वरिष्ठ कोषाधिकारी इंद्रभान सिंह के नेतृत्व में डीडीओ शेषनाथ चौहान और पीडी रामशिरोमणि मौर्य की समिति ने जांच के बाद बृहस्पतिवार की देर शाम अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंप दी। सूत्रों के मुताबिक समिति ने नौ सामानों में गडबड़ी किए जाने का जिक्र किया है। टेंडर लेने वाले फर्म को चांदी की पायल, बिछिया, डिनर सेट के साथ कुल 19 प्रकार के सामानों की आपूर्ति की जानी थी। फर्म की तरफ से लाभार्थियों में जो सामग्री आपूर्ति की गई, वह मानक के अनुरूप नहीं है। पायल और बिछिया में चांदी की मात्रा नहीं मिली। इस तरह से कुल नौ सामग्रियां मानक के विपरीत मिली हैं।
दो-दो सेट में दी जानी थी साड़ी, मिली एक
डीएम को प्रेषित जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि फर्म की तरफ से लाभार्थियों में साड़ी, ब्लॉउज, पेटीकोट, गद्दा, बेडसीट, तकिया दो-दो सेट में दिया जाना था। टेंडर लेने वाली फर्म की तरफ से लाभार्थियों में सिर्फ एक-एक सेट ही सामान उपलब्ध कराया गया। यह भी मानक के अनुसार नहीं था। स्टील के डिनर सेट का वजन आठ किलो होना चाहिए, लेकिन जो सामान दिया गया, उसका इससे काफी कम था।
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सभी बिंदुओं पर जांच के बाद रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी गई है। रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं कर सकते। आगे की कार्रवाई डीएम के स्तर पर ही की जानी है। - इंद्रभान सिंह, वरिष्ठ कोषाधिकारी व समिति के प्रभारी।
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