चोपन। ओबरा सी प्लांट में काम करने वाले एक मजदूर का शव बुधवार की रात सोन नदी से बरामद हुआ। वह पांच दिनों से लापता था। पुलिस ने बृहस्पतिवार को शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सुपुर्द कर दिया।
जुगैल निवासी लल्लू राम (36) ओबरा सी प्लांट में काम करता था। गत शनिवार को काम खत्म होने के बाद वह राखी पुल से होकर घर के लिए निकला था। इसके बाद से उसका पता नहीं था। घरवाले उसकी खोजबीन में जुटे थे, मगर सफलता नहीं मिल सकी। बुधवार की देर शाम चोपन थाना क्षेत्र के रेलवे पुल के पास सोन नदी में एक शव देखा गया। पुलिस ने उसे बाहर निकलवाकर जिला अस्पताल भेज दिया। सूचना पाकर बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल की मोर्चरी पहुंचे परिजनों ने शव की शिनाख्त लल्लू राम के रूप में की। अंदेशा जताया गया है कि रात होने के कारण लल्लू राम रास्ता भटककर नदी के गहरे पानी में चला गया होगा। डूबने से उसकी मौत हो गई। पिता देवनाथ खरवार के प्रार्थना पत्र पर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। प्रभारी निरीक्षक विजय चौरसिया ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर मौत का सही कारण का पता चलेगा।
जंगल में मिला शव, शरीर पर जलने के निशान
ओबरा। कोतवाली क्षेत्र के बैरपुर के टोला सुखरा में बुधवार को एक व्यक्ति का शव मिला। शरीर पर कई जगह जलने के निशान थे। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है। हालांकि पुलिस शिकार के लिए लगाए गए तार के करंट की चपेट में आने से मौत की आशंका जता रही है।
बैरपुर के टोला सुखरा निवासी बीरशाह खरवार (42) गत सोमवार को खाड़पाथर निवासी अपनी बहन के घर गया था। बुधवार को उसका शव घर से सात सौ मीटर दूर स्थित जंगल में मिला। पत्नी निर्मला ने बताया कि बुधवार को गांव के ही कुछ बच्चे पिकनिक मनाने के इरादे से वहां से गुजर रहे थे। उनकी नजर जंगल में पड़े बीरशाह के शव पर पड़ी। बच्चों ने सूचना परिजनों को दी। आनन-फानन परिजन मौके पर पहुंचे तो देखा कि शरीर पर कई हिस्सों में जलने का निशान था। इसे देखकर परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने बृहस्पतिवार को शव का पोस्टमार्टम कराया।
प्रथम दृष्ट्या यह घटना जंगली जानवरों के शिकार के लिए लगाए जाने वाले करंट के तार की चपेट में आने से लग रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों का पता लग पाएगा। -राजेश सिंह, प्रभारी निरीक्षक, ओबरा।