सोनभद्र। बेसिक शिक्षा विभाग में एआरपी की चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी को लेकर विवादों में घिरे जिला समन्वयक को उनके मूल विद्यालय भेज दिया गया है। महानिदेशक के निर्देश पर बीएसए ने कार्यमुक्त कर दिया।
कुछ शिक्षकों की ओर से स्कूल शिक्षा समग्र शिक्षा के महानिदेशक सहित अन्य अधिकारियाें को पत्र भेजकर एआरपी चयन की परीक्षा व मूल्यांकन में अनियमितता का आरोप लगाया गया था। शिकायतकर्ताओं का कहना था कि काफी देरी के साथ 21 अप्रैल को चयन के लिए परीक्षा आयोजित करवाई गई। परीक्षा के पूर्व से मूल्यांकन प्रक्रिया तक निर्धारित शासनादेशों की व्यापक तौर पर अवहेलना करते हुए गड़बड़ी कर मूल्यांकन व परीक्षा परिणाम घोषित किया गया। आरोप था कि जय किशोर वर्मा मूलतः जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता के पद पर सोनभद्र में कार्यरत हैं। चयन प्रक्रिया से मात्र कुछ माह पूर्व ही इनको जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था ताकि गड़बड़ी कर अपने मूल जनपद चंदौली वापस चले जाएं। जिस कर्मी का कार्यकाल मई माह में खत्म हो रहा है, उसे महत्वपूर्ण पद का अतिरिक्त प्रभार जानबूझकर दिया गया था। आरोपों के बीच महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय के 28 मई को मिले निर्देशों के क्रम में बीएसए ने जिला समन्वयक जयकिशोर वर्मा को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया, ताकि वह अपने मूल पद (सहायक अध्यापक) पर उच्च प्राथमिक विद्यालय मथेला विकासखंड चहनिया जिला चंदौली में कार्यभार ग्रहण कर सकें।