अनपरा। भीषण गर्मी के बीच बिजली की मांग में जबरदस्त उछाल आया है। पिछले साल की अपेक्षा औसत दैनिक खपत में 56 मिलियन यूनिट का इजाफा हुआ है। अप्रैल में ही बिजली की खपत पांच सौ मिलियन यूनिट के आंकड़े को पार कर चुकी है। गत 29 अप्रैल को इस सीजन की सबसे अधिक खपत 511 मिलियन यूनिट दर्ज की गई थी।
इस बार गर्मी ने पुराने आंकड़ों को पीछे छोड़ दिया है। प्रदेश के कई इलाकों में तापमान 42 डिग्री से ऊपर पहुंच चुका है। भीषण गर्मी के कारण बिजली की मांग भी लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2023-24 में पिछली की औसत दैनिक खपत 403 मिलियन यूनिट थी। वर्ष 2024-25 में अब तक दैनिक खपत 459 मिलियन यूनिट तक पहुंच गई है। लोड डिस्पैच सेंटर के मुताबिक वर्ष 2023-24 में बिजली की अधिकतम दैनिक खपत तीन सितंबर को 579 मिलियन यूनिट थी। वहीं चालू सत्र में 29 अप्रैल को ही बिजली की दैनिक खपत 511 मिलियन यूनिट के आंकड़े को पार कर चुकी है। अभी मई-जून में गर्मी और बढ़ेगी। अप्रैल में ही बिजली खपत के इस आंकड़े ने उत्पादन निगम की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि राहत की बात यह है कि इस सत्र में ओबरा-सी और जवाहरपुर की एक-एक नई इकाई भी चालू हुई है। इससे निगम को निजी क्षेत्रों से महंगी बिजली खरीदने पर निर्भरता थोड़ी कम होगी।
पांच वर्षों में 122 एमयू की वृद्धि
पिछले पांच वर्षों के आंकड़ों पर गौर करें तो बिजली की दैनिक खपत में 122 मिलियन यूनिट का अंतर आया है। वर्ष 2020-21 में सूबे में बिजली की दैनिक खपत का औसत 337 मिलियन यूनिट था, जो वर्ष 2023-24 में 403 एमयू तक पहुंचा था। इस बार दैनिक खपत इससे भी अधिक 459 मिलियन यूनिट तक पहुंच चुकी है। इसमें अभी और इजाफा की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।