कर्मनाशा कट से निकलने वाली कूड़ा राजवाहा को गुरुवार को चालू कर दिया गया। चंदौली जिले के गांवों तक पहुंचने में करीब पांच दिन लगेगा। इसके पीछे प्रमुख वजह 25 माइनरों में विभक्त होना है। बावजूद इसके किसानों ने राहत महसूस की है। किसानों का कहना है कि अब उनकी धान की रोपाई समय से हो जाएगी और फसल भी चौपट नहीं होगी।
कूड़ा राजवाहा की लंबाई 95 किलोमीटर है।
इससे सोनभद्र के साथ ही चंदौली जिले के कुछ गांवों की सिंचाई होती है। इसमें 25 माइनर हैं। जिसमें भुसौलिया, कोटास, बरबसपुर, डउर, रामगढ़, विसरेखी, कोटवा, परसौधा, कादिर आदि शामिल हैं। किसान रमेश कुमार, बचऊ, शंभू, दयाराम, शिव प्रसाद, अछैबर आदि का कहना है कि अभी तक कूड़ा राजवाहा चालू होने के बाद भी पानी उनके खेतों तक नहीं पहुंच पाया है।
कहा कि इस समय बारिश भी नहीं हो रही है, इसकी वजह से पानी के अभाव में धान की फसल सूख रही है। ऐसे में उम्मीद जगी है कि पानी के अभाव में उनकी धान की फसल अब चौपट नहीं होगी। सिंचाई विभाग के एसडीओ ओपी पांडेय ने बताया कि डीएम के निर्देश पर कूड़ा राजवाहा को खोल दिया गया। उम्मीद है कि पांच दिन के भीतर चंदौली जिले तक पानी पहुंच जाएगा।