सत्र न्यायाधीश कुलदीप कुमार द्वितीय की अदालत ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान दहेज हत्या के मामले में पति चंद्रिका को दोषसिद्ध पाकर उम्रकैद की सजा सुनाई। वहीं सास दशमती, ससुर रमेश को 10-10 साल का सश्रम कारावास और तीनों को तीन-तीन हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। जुर्माना अदा न करने पर तीन-तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
ओबरा निवासी प्रभु की तहरीर पर घोरावल थाने में पुलिस ने 22 मई 2014 को दहेज हत्या का केस दर्ज किया था। अंजलि की शादी घोरावल कोतवाली क्षेत्र के खड़देउर गांव निवासी चंद्रिका के साथ 24 अप्रैल 2012 को हुई थी। ससुराल में उसे बाइक और नगदी की मांग को लेकर प्रताड़ित किया जाता था। 15 मई 2014 को शाम छह बजे अंजलि को कुएं में गिरा दिया। इसकी जानकारी गांव वालों के जरिए हुई तो मौके पर पहुंचे तो बेटी की मौत हो चुकी थी। इस मामले में पति, सास और ससुर के विरूद्ध घोरावल पुलिस ने केस दर्ज कर लिया और विवेचना के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। पीएम रिपोर्ट में अंजलि की मौत डूबने से होना बताया गया।
अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनन के पश्चात सजा सुनाई। अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता रामजियावन सिंह यादव और अभियुक्तों की ओर से दिलीप सिंह एडवोकेट ने पैरवी की।