तराई में मंगलवार दोपहर बाद मौसम अचानक बदला। तेज हवा के साथ बौछारें पड़ने से लोगों को भीषण गर्मी से निजात मिली। दूसरी तरफ खैरीघाट क्षेत्र में दीवार ढहने से मलबे में दबकर एक ग्रामीण की मौत हो गई। तीन लोग घायल हुए हैं। तेज हवा के चलते कई स्थानों पर पेड़ भी गिर गए।
तराई में एक पखवारे से लोग भीषण गर्मी व उसम से परेशान थे। मंगलवार सुबह भी चिलचिलाती धूप के साथ हुई लेकिन दोपहर बाद अचानक बदले मौसम से तराई वासियों को गर्मी से दिलाई। आसमान में अचानक बादल छा गए।
बादलों की गड़गड़ाहट और तेज हवा के बीच बौछारें पड़ीं। उसके बाद रुक-रुक कर देर तक बूंदाबांदी होती रही। तेज हवा और वर्षा के बीच खैरीघाट क्षेत्र में बेलामकन घुमनी गांव में मैकूलाल (58) के मकान की कच्ची दीवार ढह गई। मैकूलाल दीवार से चारपाई सटाकर लेटा था। वह दीवार के मलबे में दब गया।
मौके पर मौजूद पड़ोसी रामजियावन (28), दशरथ (39) और कुन्ने (22) घायल हो गए। चीख पुकार सुनकर दौड़े लोगों ने मलबा हटाकर मैकू को निकाला लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इससे घर में कोहराम मच गया।
सूचना पाकर हलका लेखपाल व खैरीघाट थाने के पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। घायलों को निजी चिकित्सक के यहां भर्ती कराया गया। ग्रामीण अंचलों में तेज हवाओं के चलते कई स्थानों पर पेड़ भी गिर गए।