रोजगार के नाम पर 21 लाख की ठगी
सिक्योरिटी मनी के रूप में सैकड़ों से जमा कराए रुपये
अमर उजाला ब्यूरो
अनपरा। रेनूसागर कोलगेट पर एक दुकान खोलकर दो व्यक्तियों ने माला बनाने के नाम पर रोजगार का सब्जबाग दिखाकर लोगों के लाखों रुपये की ठगी की। पीड़ितों की शिकायत पर स्थानीय पुलिस ने रविवार को मुकदमा दर्ज कर लिया। 143 पीड़ितों ने रविवार को थाना पुलिस को तहरीर दी है, जिसमें करीब 21 लाख रुपये ठगी की बात बताई गई है। हालांकि एक अनुमान के अनुसार पीड़ितों की संख्या इससे काफी ज्यादा है। डाला निवासी अवधेश यादव सहित 143 लोगों ने एपी किरीट राठोड को दिये पत्र में आरोप लगाया है कि माला इंटर प्राइजेज नाम से रेनूसागर कोलगेट पर दुकान खोलकर ऊर्जांचल के लोगों को रोजगार देने के नाम पर लाखों की ठगी की गयी है। आरोप है कि दिनेश सिंह व राधेश्याम ने ऊर्जांचल के ओबरा, अनपरा, डिबुलगंज, औड़ी, शक्तिनगर व रेनूसागर आदि स्थानों के सैकड़ों लोगों को रोजगार देने के नाम पर ठगी की।
तहरीर के अनुसार दिनेश व राधेश्याम ने लोगों को बताया कि कुंभ मेला में लाखों मालाओं की आवश्यकता है। आप हमसे कच्चा माल लेकर उसे माला बनाकर हमें बेच दें। उसके एवज में 10 रुपये प्रति माला दिया जाएगा। काम शुरू करने के लिए पांच हजार से लेकर 10 हजार रुपये तक सिक्योरिटी मनी देनी होगी। 6 अगस्त 2018 से लेकर 6 दिसंबर तक लोगों ने सिक्योरिटी मनी जमा की। कई लोगों ने कच्चा माल लेकर उसे माला बनाकर लौटा दिया। जिसका भुगतान भी कर दिया गया। जिससे लोग तेजी से इस धंधे में जुड़ते चले गये तथा सिक्योरिटी के नाम पर पैसा जमा करते गए। बाद में दुकान बंद कर आरोपी लापता हो गए।
इनसेट में
जो हुए ठगी के शिकार
अनपरा। माला बनाने के नाम पर चंद्रकला यादव, सुहानी यादव, राधेश्याम सिंह, साक्षी सिंह, वीर सिंह, वनिता यादव, प्रभावती देवी, गुनगुन यादव, सुनीता चौबे, प्रदीप कुमार, विष्णु दयाल, अजीत कुमार सिंह, वैष्णवी शर्मा, किरण देवी, कृष्णा सिंह, शिवम सिंह, बेगम खातून, मोहित कुमार, संतोष कुमार, विकास यादव, हिमांशु यादव, पूजा यादव, काजू मोदनवाल, मंगल विश्वकर्मा, सैलावती देवी, उमेश चन्द्र शर्मा, ज्योति गुप्ता सहित 143 लोग ठगी के शिकार हुए है। यह नाम ओबरा के लोगों का है जबकि अनपरा शक्तिनगर, रेनूसागर, औड़ी, आदि स्थानों के लोगों के नाम अभी बाकी हैं।