सोनभद्र। सदर कोतवाली पुलिस ने रौप के ग्राम प्रधान राजकुमार यादव और सेवानिवृत्त ग्राम विकास अधिकारी कमला मौर्या के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है। यह कार्रवाई सहायक विकास अधिकारी पंचायत कृपाशंकर शुक्ल की तहरीर पर की गई है। केस दर्ज करने के बाद पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
पुलिस के मुताबिक, दी गई तहरीर में वर्ष 2015-16 में राबर्ट्सगंज ब्लाक के रौप गांव में सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए साढ़े चार लाख रुपये दिए गए थे। आरोप है कि इस धनराशि से ग्राम प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी ने शौचालय का निर्माण न कराकर उसमें से करीब ढाई लाख रुपये से इंटरलाकिंग, खड़ंजा निर्माण करा दिया। इसकी जानकारी होने पर सदर विकास खंड के एडीओ पंचायत कृपाशंकर ने पूरे मामले से जिला पंचायतराज अधिकारी विशाल सिंह को अवगत कराया। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला पंचायत राज अधिकारी ने संबंधित ग्राम प्रधान व ग्राम विकास अधिकारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश दिया। राबर्ट्सगंज कोतवासी प्रभारी अंजनी राय ने बताया कि एडीओ पंचायत की तहरीर पर आरोपी ग्राम प्रधान राजकुमार और सेवानिवृत्त ग्राम विकास अधिकारी कमला मौर्या के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर उनकी खोजबीन शुरू कर दी गई है।