सोनभद्र। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की तरफ से संचालित 2079 आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों, गर्भवती महिलाओं और किशोरियों को दलिया व पंजीरी की जगह सूखा राशन वितरित करने की व्यवस्था शुरू कर दी गई है। लाभार्थियों को दूध एवं घी भी दिया जाना है, लेकिन शासन स्तर से नामित एजेंसी ने नवंबर में इसकी आपूर्ति करने में असमर्थता जता दी है। इसके चलते 218584 लाभार्थियों को दूध एवं घी इस महीने नहीं मिल सकेगा। जिले में गरीब तबके के ज्यादा लोग रहते हैं। दो वक्त की रोटी के लिए गरीबों को हाड़तोड़ मेहनत करनी पड़ती है। खान-पान ठीक न होने के कारण गरीबों के बच्चे, महिलाएं और किशोरियां शारीरिक रूप से कमजोर हो जाती हैं। हालांकि इस समस्या से निजात दिलाने के लिए सरकार के निर्देश पर नवंबर से राबर्ट्सगंज, घोरावल, ओबरा और दुद्धी तहसील क्षेत्रों के 2079 आंगनबाड़ी केंद्रों पर सूखा राशन वितरित करने की व्यवस्था शुरू की गई है। शिशु, गर्भवती, धात्री व किशोरियां कुपोषण की शिकार न हों, इसके लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर लाभार्थियों को दिए जा रहे अनुपूरक पोषाहार के स्थान पर अब सूखा राशन गेहूं, दाल, चावल, देशी घी, मिक्स पाउडर वितरित किया जाना है। गर्भवती धात्री, महिलाओं और 11 से 14 वर्ष की किशोरियों को प्रतिमाह दो किलो गेहूं, एक किलो चावल, 750 ग्राम दाल एवं तिमाही 450 ग्राम देशी घी, 750 ग्राम मिक्स पाउडर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। वहीं छह माह से छह वर्ष के बच्चों को प्रतिमाह 1.5 ग्राम गेहूं, एक किलो चावल, 450 ग्राम दाल एवं तिमाही 450 ग्राम देशी घी, 400 ग्राम मिक्स दूध पाउडर देना है। इसके अलावा अति कुपोषित बच्चों को प्रतिमाह 2.5 किलो गेहूं, 1.5 किलो चावल, 500 ग्राम दाल एवं तिमाही 900 ग्राम देशी घी, 750 ग्राम मिक्स दूध पाउडर पोषाहार के रूप में वितरित किया जाना है। इस बीच सरकार की ओर से लाभार्थियों को घी और मिक्स दूध देने के लिए नामित एजेंसी ने नवंबर माह में आपूर्ति करने में असमर्थता जता दी है। जबकि आंगनबाड़ी केंद्रों पर लाभार्थियों ने चावल, गेहूं के साथ ही घी और दूध पाउडर की मांग करनी शुरू कर दी है ।
जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत सिंह ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत सभी बच्चों, महिलाओं एवं किशोरियों को सूखा राशन गेहूं, चावल आदि दिया जा रहा है। शासन स्तर से नामित एजेंसी ने नवंबर में देशी घी, मिक्स दूध की आपूर्ति करने में असमर्थता जता दी है। हालांकि दिसंबर में दो माह का दूध और घी वितरित कराया जाएगा।