शाहगंज। सेंचुरी एरिया से सटे जुडौली और दुगौलिया गांवों में रविवार की देर शाम प्रशासनिक अमले ने छापेमारी कर अवैध खनन के खेल का खुलासा किया है। सेंचुरी क्षेत्र के पास प्रतिबंधित इलाके में पहाड़ियों पर अवैध खनन होते मिला। अवैध खनन करने वाले पांच के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। लंबे समय से चल रहे खनन इस गोरखधंधे में राजस्व विभाग, खान अधिकारी, खनिज सर्वेयर, वन विभाग और पुलिस की भूमिका भी संदेह के दायरे में है। स्थानीय लोगों का कहना है कि खनिज विभाग सहित अन्य लोगों को कई बार शिकायत की गई थी मगर इससे दबंग लोगों की संलिप्त होने के चलते विभाग कोई सख्त कार्रवाई करने से बचता रहा है।
घोरावल एसडीएम प्रकाश चंद्र को शिकायत मिली कि सेंचुरी एरिया से सटे जुडौली और दुगौलिया की पहाड़ियों पर कुछ लोग अवैध खनन कर रहे हैं। सूचना के बाद एसडीएम जांच पड़ताल करने गए तो वहां अवैध खनन होते मिला। एसडीएम की आने की सूचना मिलते हीं खनन करने वाले फरार हो गए। एसडीएम ने तुरंत इसकी सूचना खान विभाग को दी। सूचना के बाद निरीक्षक जी के दत्ता एसओ शाहगंज सहित फोर्स पहुंच गई। पहाड़ से सटे जूडोली, राजपुर, बड़ागांव , रेनूआ समेत आधा दर्जन जगहों पर छापेमारी की गई। जहां बड़ी संख्या में डंप बोल्डर गिट्टी की बरामदगी हुई। चोरी-छिपे अवैध खनन करने व बोल्डर गिट्टी का भंडारण करने के लिए नीरज चौबे पुत्र रमेश चौबे निवासी रेनुआ, बलदेव सिंह पुत्र टल्लू सिंह, कमलेश नेता पुत्र बेचूराम, रणविजय पुत्र रूपनारायन, मनीष सिंह पुत्र बलदेव सिंह निवासी बड़ागांव के खिलाफ खान निरीक्षक जी के दत्ता ने विभिन्न धाराओं में एफ आई आर दर्ज कराई है। चर्चाओं की माने तो खान अधिकारी, खनिज सर्वेयर, लेखपाल, वन विभाग और पुलिस के मिलीभगत के अवैध खनन करना नामुमकिन है। इस अवैध खनन के खेल में हलके के लेखपाल, वन विभाग व पुलिसकर्मियों की भी भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है।जबकि जिस हल्का क्षेत्र में अवैध खनन या इस तरह की गतिविधियां हो रही है तो उस क्षेत्र के लेखपाल इसकी सूचना अपने आला अधिकारियों को देता है। आखिर वर्षों से चले आ रहे हैं अवैध खनन के इस खेल में कौन-कौन है यह तो जांच के बाद ही पता चल पाएगा। इस अवैध खनन को लेकर कई बार क्षेत्र के लोगों ने आवाज भी उठाई लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हो सकी थी। एसडीएम ने कहा कि अवैध खनन करने वालों पर एफआईआर दर्ज करा दी गई है। वह अपने स्तर से जांच कर रहे हैं इसमें अगर राजस्व का कोई भी कर्मी संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई करेंगे।