शाहगंज। अयोध्या में विवादित ढांचा ध्वंस की बरसी पर बृहस्पतिवार को कुछ घरों पर काले झंडे लगा माहौल बिगाड़ने की हुई कोशिश ने कुछ देर के लिए तनाव बना रहा। खबर मिलते ही झंडे उतरवाने के साथ पूरे कस्बे को छावनी में तब्दील कर दिया गया। खुद एसपी किरीट राठोड ने सुरक्षा की कमान संभाली। एहतियातन जंग बहादुर सिंह इंटर कालेज को बंद कराने के साथ ही ढाई घंटे विलंब से जुलूस निकाला गया। झांकी की अनुमति न मिलने से लोगों में नाराजगी बनी रही। स्थिति को देखते हुए राम, लक्ष्मण, सीता की झांकी सजाने आने वाले कलाकारों को ओबरा में ही रोक दिया गया। जुलूस के दरम्यान कोई अप्रिय स्थिति बनी रहीं। एहतियातन देर शाम तक पुलिस बनी रही।
छह दिसंबर को शौर्य दिवस पर दोपहर बारह बजे से जुलूस निकालने का कार्यक्रम तय था। इसी बीच अचानक गुरुवार की सुबह राजपुर रोड पर कुछ घरों पर काला झंडा लगा दिया गया। जैसे ही यह बात पुलिस को पता चली उन्होंने मौके पर पहुंचकर झंडा उतरवा दिया। उधर, कस्बे में इसको लेकर तनाव की स्थिति बनने लगी। हालात को देखते हुए तत्काल मामले की जानकारी एसपी को दी गई। उनके निर्देश पर पैलेट गन, आंसू गैस के साथ कई थानों की पुलिस फोर्स पहुंच गई और पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया। कहीं कोई दिक्कत न होने पाए, इसके लिए डीजे के साथ झांकी की भी अनुमति नहीं दी गई। हालात पर पैनी नजर बनी रहे, इसके लिए पुलिस कप्तान खुद घंटों कस्बे में मौजूद रहे। यहां का इंटर कालेज भी बंद करा दिया गया। इसके चलते करीब ढाई घंटे बाद जुलूस निकाला। हिंदू जागरण मंच के जिलाध्यक्ष, महामंत्री भानु तिवारी, सत्यम पांडेय, पपलू सरकार की अगुवाई में भगवान राम की तस्वीर के साथ निकला जुलूस प्राचीन हनुमान मंदिर से होकर संकट मोचन त्रिमुहानी पहुंचा। इस दौरान राम लला हम आएंगे, मंदिर वही बनाएंगे..., एक ही नारा, एक ही नाम, जै श्री राम, जै श्री राम.. के नारों से पूरा कस्बा गूंज उठा। मनोज केशरी, शंभू सोनी, श्रीप्रकाश सिंह,, सुशील सिंह, विजय केशरी, आलोक पटवा, रोहित चंद्रवंशी आदि ने भी प्रमुखता से सहभागिता दर्ज कराई। जुलूस का शांतिपूर्ण तरीके से समापन हो गया, तब पुलिस ने राहत की सांस ली।