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Sonebhadra News: रांची को हब बनाकर की जा रही थी कफ सिरप की तस्करी

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सोनभद्र। सोनभद्र-गाजियाबाद पुलिस की तरफ से किए गए कफ तस्करी के बड़े खुलासे के बाद अब इससे जुड़ी फर्माें-आपूर्ति का कनेक्शन जांचने की कवायद तेज हो गई है। प्राथमिक जांच में झारखंड के रांची को हब बनाकर पूरे देश में आपूर्ति की बात सामने आई है। वाराणसी से इसका गहरा जुडाव पाते हुए तीन दिन पूर्व औषधि नियंत्रण विभाग ने छापा मारते हुए 28 फर्म को पकड़ा था। अब इसका जुड़ाव पूर्वांचल के किन-किन जनपदों से है, इसकी जांच की जा रही है। सोनभद्र-सिंगरौली से भी इसका संबंध होने की चर्चाएं हैं। इसको देखते हुए वाराणसी-रांची के बीच पड़ने वाले सोनभद्र में कफ तस्करी का नेटवर्क किनसे जुड़ा हुआ है? इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।
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गत 11 नवंबर को उपायुक्त लखनऊ की तरफ से वाराणसी और आसपास के जनपदों में कफ सिरप की भारी मात्रा में विक्रय करने वाली फर्मों की सूची जारी कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इसमें भारत में कफ तस्करी गिरोह के संचालक बताए जा रहे शुभम जायसवाल का भी जुड़ाव सामने आया था। इसे देखते हुए गत 12, 13 और 14 नवंबर को 10 जिलों के औषधि निरीक्षकों को बुलाकर जांच की गई। महज वाराणसी में ही तस्करी के नेटवर्क से जुड़ी 28 फर्में पाई गईं। अब वाराणसी क्षेत्र के दूसरे जनपदों में जांच की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। अब तक जांच में जो जानकारियां सामने आई हैं कि उसके मुताबिक रांची की एक फर्म को आधार बनाकर पूरे देश में नशीले सिरप की तस्करी की जा रही थी। विभिन्न फर्माें के जरिये दर्शाई गई आपूर्ति के तार किस स्तर पर सोनभद्र-सिंगरौली से जुड़े हुए हैं इसके बारे में भी जानकारी जुटाने का काम तेज कर दिया गया है।
उपायुक्त की तरफ से वाराणसी सहित अन्य जनपदों में जांच के निर्देश मिले हैं। वाराणसी में बड़ी संख्या में तस्करी से जुडी फर्में मिलने के बाद सोनभद्र से इसका कनेक्शन कितना जुड़ा है? पता लगाया जाता है। सोनभद्र के जरिये सिंगरौली से भी तो नेटवर्क नहीं जुड़े, इसकी जानकारी की जा रही है। - राजेश मौर्य, जिला औषधि निरीक्षक, सोनभद्र।
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