अनपरा। एक तरफ सरकार पानी बचाने के लिए तालाब, बंधी और पिट बनवा रही है तो दूसरी तरफ क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पानी का दुरुपयोग हो रहा है। होटल एवं वाहन धुलाई सेंटर में भूगर्भ जल का बेतहाशा इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके बाद नालियों में बहाया जा रहा है।
नगर में 6 होटल, 4 लॉज, दो रेस्टूरेंट, 5 छोटे वाहनों के शोरूम और 30 से अधिक छोटे बड़े वाहन धुलाई सेंटर हैं। अनपरा-रेणुकूट मार्ग के बैरपान में वाहन धुलाई सेंटर पर सिर्फ कोल व राख परिवहन के वाहनों की धुलाई होती है। सभी ने पानी के लिए बोर कराया है। दिनभर में लाखों लीटर पानी निकालते हैं और अपने इस्तेमाल में लेते हैं। एनजीटी के नियम के मुताबिक वाहन धुलाई सेंटर और होटल से निकलने वाले दूषित पानी को शोधित करने के लिए ईटीपी या एसटीपी लगाना है, ताकि उपयोग के बाद पानी को शोधित कर उसे सफाई एवं वाहनों की धुलाई के लिए इस्तेमाल में लिया जा सके।
इसके साथ प्रतिदिन कितना पानी भूगर्भ से निकाल रहे हैं और कितना शोधित पानी इस्तेमाल में ले रहे हैं, उसका रिकाॅर्ड भी रखना है।