प्रसिद्ध गांधीवादी नेेता, स्वतंत्रता सेनानी पद्मश्री डॉ. एसएन सुब्बाराव के निधन के बाद बुधवार को वनवासी सेवा आश्रम के छात्रों और कार्यकर्ताओं ने शोक सभा की। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि देते हुए याद किया। उनके व्यक्तित्व पर चर्चा करते हुए सर्व धर्म प्रार्थना की गई।
आश्रम के प्रबंधक विमल भाई ने कहा कि डॉ. एसएन सुब्बाराव का अधिकतर आश्रम आना होता था। वे कई बार युवा शिविर का आयोजन कर उनको एकता अखंडता का पाठ पढ़ाते थे। दक्षिणांचल के सैकड़ों युवाओं को प्रशिक्षण दिया और दुद्धी पीजी कॉलेज में छात्र-छात्राओं को संबोधित किया था। 93 वर्षीय श्री रॉव का इस क्षेत्र से गहरा लगाव था। उन्होंने 1965 से 1973 के बीच छह सौ से ज्यादा खूंखार डकैतों को आत्मसमर्पण करा कर उन्हें गांधीवादी विचारधारा से जोड़ा। पूरे देश में भारत जोड़ो रेल सद्भावना यात्रा का संचालन किया। इस मौके पर शुभा प्रेम, डॉ. विभा, केवला दुबे, लालबहादुर सिंह, विजय कनौजिया, जगत भाई, शिव संपत, देवनाथ, इंदुबाला सिंह, प्रदीप सिंह, रेखा आदि मौजूद रहे।