सोनभद्र। जिले में बगैर लाइसेंस के उर्वरकों का निर्माण और विक्रय का बड़ा मामला सामने आया है। तीन दिन पहले छापेमारी में बरामद हुई 59 बोरी खाद की जांच में सामने आए इस खुलासे के बाद तीन के खिलाफ केस दर्ज करने के लिए जिला कृषि अधिकारी पीयूष राय ने पुलिस को तहरीर दी है। इस गोरखधंधे का तार इलाहाबाद से जुड़ा पाया गया है।
जिला कृषि अधिकारी पीयूष राय और नायब तहसीलदार रवि प्रजापति की टीम ने अलग-अलग जगह छापा मारा था। इसमें अन्य जगहों के साथ लोढ़ी स्थित एक मकान से 59 बोरी खाद बरामद की गई थी। संबंधित कंपनी के उच्चाधिकारियों से इसकी जानकारी चाही गई तो पता चला कि बिना किसी प्राधिकार के ही उर्वरक निर्माण और विक्रय का काम किया जा रहा है। मामले में जिले के दो लोगों और इलाहाबाद के कोरांव निवासी एक व्यक्ति की संलिप्तता सामने आई। पता चला कि इलाहाबाद से खेप जिले में लाई जा रही है। इसके बाद उसका वितरण राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के अलावा विंढमगंज, म्योरपुर इलाके में किया जा रहा है। जिला कृषि अधिकारी पीयूष राय ने बताया कि तीनों के खिलाफ एफआईआर के लिए पुलिस को तहरीर सौंप दी गई है। उन्होंने कहा कि नियम कानून को ताख पर रख कर उर्वरक का कारोबार करने वालों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। वहीं समाचार लिखे जाने तक कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया था।