म्योरपुर। आरंगपानी न्याय पंचायत के प्राथमिक विद्यालय खोखरी महुआ आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित हो रहा है। विद्यालय में इस वर्ष 70 बच्चे पंजीकृत हैं। एक शिक्षामित्र और दो अध्यापकों की तैनाती की गई है। यहां तैनात अध्यापक अतुल यादव की रचनात्मक गतिविधियों के कारण बच्चों में पढ़ाई के प्रति लगातार रुचि बढ़ रही है। परिणामस्वरूप विद्यालय में पंजीकृत बच्चे अब नियमित रूप से स्कूल आकर शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
प्रयागराज जिले के मूल निवासी अतुल यादव सितंबर 2018 में 68500 शिक्षकों की भर्ती के दौरान विद्यालय में तैनात हुए। जब उन्होंने विद्यालय में कार्यभार संभाला तो उस वक्त 66 बच्चों को दो शिक्षक पढ़ा रहे थे। इसमें शिक्षामित्र अर्जुन व सहायक अध्यापक प्रियंका थीं। पहले विद्यालय के सारे बच्चे दो कक्षाओं में बैठकर पढ़ते थे। अतुल ने विद्यालय में कार्यभार संभालने के बाद कक्षा एक व दो को एक साथ तीन-चार को एक साथ और पांचवीं के विद्यार्थियों को अलग बैठाकर पढ़ाना शुरू किया। उन्होंने मार्च में हुई वार्षिक परीक्षा में बच्चों से कहा था कि जो विद्यार्थी अपनी कक्षा में प्रथम आएगा, उसे पुरस्कृत किया जाएगा। वार्षिक परिणाम आने पर उन्होंने कक्षा पांच में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले अरविंद कुमार को अपनी तरफ से साइकिल खरीद कर दी। इसके अलावा अन्य कक्षाओं में प्रथम आए बच्चों को स्कूल बैग व उनकी मां को साड़ी भेंट की। इसका सारा खर्च उन्होंने खुद वहन किया। इसके अलावा विद्यालय में पूरे वर्ष में सर्वाधिक उपस्थिति वाले 10 बच्चों की माताओं को भी उन्होंने साड़ी भेंट की। ताकि अन्य महिलाएं भी अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित हो सकें। अध्यापक अतुल ने बताया कि विद्यालय की पाठ्य पुस्तकों में मौजूद बारकोड को स्कैन करके छात्रों को वीडियो दिखाया जाता है, ताकि बच्चों को संबंधित विषय की जानकारी आसानी से हो सके। दो-तीन दिन लगातार स्कूल न आने वाले बच्चे के घर जाकर संपर्क किया जाता है। अभिभावकों से बात करके स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करते हैं। नियमित विद्यालय जाने वाले बच्चे ही अच्छी तरह से शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं।
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दो किमी दूर से टूटा पुल पारकर विद्यालय आते हैं बच्चे
म्योरपुर। विद्यालय से करीब दो किमी की दूरी पर स्थित बरवाटोला गांव से भी 20 बच्चे स्कूल में आते हैं। जबकि उस गांव में भी तीन प्राथमिक विद्यालय हैं। रास्ते में पुल टूटा हुआ है। इसके बावजूद बच्चे किसी तरह नाला पार करके इस स्कूल में आते थे। विद्यालय में पढ़ रहे बच्चों को प्रतिदिन खेलकूद के लिए आधा घंटा निर्धारित है ताकि वह शारीरिक रूप से स्वस्थ रह सकें। बीते सत्र में विद्यालय के सभी बच्चों को शिक्षक अतुल यादव ने अपनी तरफ से एक-एक जोड़ी चप्पल भी दी। शिक्षक अतुल के मुताबिक विद्यालय में साप्ताहिक व मासिक आधार पर सबसे ज्यादा उपस्थित बच्चों का प्रार्थना स्थल पर पुरस्कृत किया जाता है ताकि अन्य बच्चे भी प्रेरित होकर विद्यालय में उपस्थित हों।
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शिक्षक ने आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों को दिया ड्रेस
विद्यालय परिसर में ही संचालित हो रहे आंगनबाड़ी केंद्र के 20 बच्चों को अतुल ने अपने खर्च पर अलग रंग की ड्रेस दी। ताकि वह नियमित रूप से आंगनबाड़ी केंद्र में आएं और कक्षा एक में प्रवेश के समय वे पढ़ाई के लिए मानसिक तौर पर मजबूत रहें। गांव के बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि पैदा करने के लिए गांव के अभिभावकों के साथ ग्राम प्रधान भी शिक्षक से काफी खुश हैं। कोरोना कॉल में भी अध्यापक द्वारा बच्चों की पढ़ाई के लिए उनके घर जाकर गृहकार्य दिया जा रहा है। पढ़ाई के लिए प्रेरित किया जा रहा है। आरंगपानी के ग्राम प्रधान ब्रह्मदेव ने कहा कि शिक्षक अतुल यादव की तरफ से बच्चों की पढ़ाई के लिए किए जा रहा प्रयास सराहनीय है।