सोनभद्र। जिले में एक सप्ताह से न्यूनतम तापमान 10 डिग्री के नीचे रहने के कारण कोल्ड वेव की आशंका बढ़ गई है। मुख्य सचिव स्वास्थ्य के निर्देश पर सीएमओ ने एडवाइजरी जारी कर सभी अस्पतालों में इलाज के समुचित प्रबंध करने का निर्देश दिया है। अलाव-कंबल आदि की व्यवस्था के साथ अस्पतालों में वार्डों की खिड़कियाें-दरवाजों को दुरूस्त कराने के लिए कहा गया है। साथ ही लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है।
सीएमओ डॉ. पीके राय ने बताया कि वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये स्वास्थ्य विभाग के मुख्य सचिव से मिले निर्देश पर कोल्ड वेव से निपटने की तैयारियां की जा रही है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों में व्यवस्था दुरूस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। वार्डों के खिड़की-दरवाजे दुरुस्त कराने के लिए कहा गया है। सभी वार्डों में वाॅर्मर, रूम हीटर, कंबल आदि की व्यवस्था रखने, अस्पतालों में बने रैन बसेरा, विश्राम स्थलों में व्यवस्था दुरुसत कराने की हिदायत दी गई है। सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि तैयारियां पूरी करने तस्वीरें भी भेजें।
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बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं का रखा ख्याल :
कोल्ड वेव से बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं ज्यादा प्रभावित होती हैं। उनका विशेष ख्याल रखा जाए। चिकित्सालयों के प्रभारी सुनिश्चित करें कि शाम छह बजे से रात्रि 11 बजे के बीच और सुबह सात बजे रोजाना अस्पताल परिसर, वार्ड का निरीक्षण हो।
- ऐसे मौसम में सीओपीडी, अस्थमा, हृदय रोगियों के बढ़ने की संभावना रहती है। इसको देखते हुए सभी चिकित्सालयों में पर्याप्त दवाएं-उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
- सभी चिकित्सालयों में बच्चों से जुड़े वार्ड्स, उनके विशेष देखभाल वाली यूनिट, एनआईसीयू, एसएनसीयू में तापमान नियंत्रित रखने के लिए जरूरी उपकरण, ईसीजी मशीन, मल्टी पैरामीटर्स को क्रियाशील रखने, एंजाइना, मायोकार्डियल, इनफार्कशन, उच्च रक्तचाप से जुड़ी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली जाए।
कोट...
प्रत्येक 10 में सात बच्चे सर्दी-जुकाम से पीड़ित मिल रहे हैं। ऐसे मौसम में बच्चों का विशेष ख्याल रखें। किसी तरह की दिक्कत होने पर तत्काल चिकित्सक से संपर्क करें। दो साल से कम उम्र के बच्चों को निमोनिया की आशंका बढ़ जाती है। -डाॅ. आरपी सिंह, बाल रोग विशेषज्ञ।
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शासन के निर्देश पर कोल्ड वेव से निपटने के लिए तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। बच्चों के साथ बुजुर्गाें और गर्भवती महिलाओं पर ज्यादा प्रभाव पड़ता है। सीओपीडी, अस्थमा, हृदय रोग के मरीज भी विशेष सावधानी बरतें। सुबह टहलने वाले सूर्याेदय के बाद बाहर निकलें। - डाॅ. पीके राय, सीएमओ।