रेल रैक से कोयले की आपूर्ति शुरू, स्टॉक में होगा सुधार
- निगम की सबसे बड़ी अनपरा परियोजना में महज 10 दिन के कोल स्टॉक
संवाद न्यूज एजेंसी
अनपरा। प्रदेश के नव नियुक्त ऊर्जा मंत्री के हस्तक्षेप के बाद निगम की सबसे बड़ी अनपरा परियोजना को एनसीएल से रेल रैक से कोयले की आपूर्ति शुरू कर दी गई है। इससे परियोजना के कोल स्टाक में सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है।
2630 मेगावाट क्षमता की अनपरा परियोजना की सभी इकाइयों के संचालन की स्थिति में प्रतिदिन 40 हजार मीट्रिक टन कोयले की आवश्यकता पड़ती है। इस समय गर्मी का प्रकोप चरम पर होने के कारण प्रदेश में बिजली की मांग में निरंतर वृद्धि हो रही है। इससे परियोजना की सभी सातों इकाइयों को अप्रैल महीने के शुरू से ही फुल लोड पर संचालित किया जा रहा है। किंतु पिछले एक माह से एनसीएल से रेल रैक के माध्यम से कोयले की आपूर्ति रोक दिए जाने से परियोजना में कोयले का स्टाक लगातार कम होता जा रहा था। रेल रैक बंद होने के दौरान परियोजना को सिर्फ एमजीआर से कोयला मिल पा रहा है। प्रबंधन के अनुसार उस समय परियोजना को दैनिक आवश्यकता 40 हजार एमटी के सापेक्ष महज 32 हजार एमटी कोयला ही प्राप्त हो पा रहा था। परियोजना व निगम प्रबंधन के अनुरोध पर ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए स्थिति संभाली। उसके बाद शुक्रवार रात से परियोजना को रेल रैक से कोयले की आपूर्ति शुरू कर दी गई है।
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गर्मी में प्रबंधन बढ़ाता है स्टॉक
अनपरा। प्रबंधन के अनुसार बरसात के मौसम में कोल खदानों में पानी भर जाने के कारण कोयला खनन के साथ डिस्पैच का काम भी प्रभावित होता है। ऐसी स्थिति में बरसात के मौसम में इकाइयों के सुचारु संचालन के दृष्टिगत विद्युत गृह प्रबंधन अपने स्टाक में वृद्धि करता है। ताकि बरसात के मौसम में कोयले की आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में भी बिजली घरों का संचालन प्रभावित न हो।