अनपरा। कोल सचिव ने वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिये संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों से मंगलवार को वर्चुअल चर्चा कर हड़ताल को कोविड 19 और चीन का हवाला देकर टालने का आग्रह किया परन्तु यूनियन नेताओं ने प्रस्ताव खारिज कर हड़ताल पर अडिग रहने की बात कही ।
संयुक्त मोर्चा के मीडिया प्रभारी अरूण कुमार दूबे ने कहा कि प्रस्तावित तीन दिवसीय हड़ताल को लेकर कोल सेक्रेेटरी अनिल कुमार जैन द्वारा बुलाई गई वर्चुअल मीटिंग 2 घंटे चली। इसमें बीएमएस से डॉ बी के राय, एचएमएस से नाथूलाल पांडेय, सीटू से डीडी रामनंदन, एटक से रामेंद्र कुमार शामिल हुए जिसमें कोयला सचिव ने राष्ट्रहित सहित कोविड व चीन संकट का हवाला देते हुए हड़ताल को स्थगित करने का अनुरोध किया परन्तु श्रमिक नेताओं ने एक स्वर में कहा कि सरकार कामर्शियल माइनिंग का निर्णय वापस ले तभी हड़ताल वापस होगी नहीं तो हड़ताल होकर रहेगी। मीटिंग में सीआईएल के चेयरमैन प्रमोद अग्रवाल सहित कोयला मंत्रालय के जॉइंट एडिशनल व डिप्टी सेक्रेटरी भी मौजूद थे। श्रमिक नेताओं ने कहा कि अभी हड़ताल शुरू होने में 24 घंटे से अधिक का समय है। यदि व्यवसायिक खनन का निर्णय वापास लिया जाता है तो हड़ताल भी वापस ले ली जाएगी।
पौने तीन लाख कामगार पूरी ताकत से करेंगे हड़ताल
संवाद न्यूज एजेंसी
अनपरा। कामर्शियल माइनिंग का मुद्दा कहीं अधिक महत्वपूर्ण है । गले पर कामर्शियल माइनिंग रूपी तलवार अड़ा कर प्रबंधन हड़ताल वापस लेने की बात कर रहा है। जो कत्तई मंजूर नहीं है।
बीएमएस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ बीके राय ने हड़ताल पर चर्चा करते हुए उक्त बातें कही। कहा कि कोयला उद्योग के पौने तीन लाख कामगार पूरी ताकत के साथ तीन दिनों की हड़ताल को सफल करेंगे। हम पुलि का डंडा खाने के लिए भी तैयार हैं। हड़ताल को सफल बनाने के लिए गेट मीटिंग व नारेबाजी तेज होती जा रही है जिसे केंद्रीय पदाधिकारियो के लगातार भ्रमण और आम सभाओ से बल दिया जा रहा है । इसी क्रम में शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए सिंगरौली के कलेक्टर ने एनसीएल प्रबंधन और संयुक्त मोर्चे के केंद्रीय पदाधिकारियों के साथ बैठक कर चर्चा की।