नार्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) के खड़िया कोयला परियोजना में बुधवार की भोर में कोयला और ओवर बर्डेन (ओबी) का मलबा गिरने से कई मशीनें क्षतिग्रस्त हो गई। इसके चलते कोयला उत्पादन भी प्रभावित हो गया। हादसे की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। हादसे के पीछे भूकंप की भूमिका तो नहीं, इसको लेकर भी अध्ययन किया जाएगा।
बताते चलें कि कोयला उत्पादन के लिए खदान में ओबी (अधिभार) का निस्तारण किया जाता है। जिस कोयला फेस के पास हादसा हुआ उसके ऊपर कई मीटर का कट बना कर सौ मीटर ऊंचा ओबी का मलबा जमा किया गया था। निचले हिस्से में पीएंडएच-दो नाम की शावेल मशीन से कोयला निकाला जा रहा थी। दो डोजर भी लगाए गए थे।
पाली परिवर्तित होने के बाद तड़के करीब तीन बजे कर्मी मशीनों को खड़ा कर हट गए। दूसरी पाली के कर्मी पहुंचते, इससे पहले ओबी और कोयले का मलबा भरभरा कर मशीनों पर गिर गया। इससे नीचे मौजूद दोनों डोजर पूरी तरह दब गए। ठोस मलबा गिरने से शावेल मशीन को भी क्षति पहुंची।
हादसे की खबर मिलते ही अधिकारियों में खलबली मच गई। कुछ ही देर में प्रोजेक्ट के जीएम राजाराम समेत आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए। कामगारों और तकनीकी कर्मियों का कहना था कि हादसे की वजह से करोड़ों की क्षति हुई है। वहीं परियोजना के अधिकारियों का कहना था कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है। जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। घटना के बाद कई कामगार नेता भी मौके पर पहुंचे और घटना के लिए प्रबंधन की लापरवाही को दोषी ठहराते हुए मानक के विपरीत कार्य कराने का आरोप लगाया।