सोनभद्र। सोनांचल के ग्रामीण अंचल में फुंके ट्रांसफार्मरों को 72 घंटे में बदलकर विद्युत आपूर्ति बहाल करने का दावा फेल है। शासन की तरफ से जारी टोल फ्री नंबर 1912 पर शिकायत करते रहिए, जल्द सुनवाई होने वाली नहीं है। नतीजा कहीं 6 माह से तो कहीं 8 माह बाद भी जला ट्रांसफार्मर नहीं बदला जा सका है। ऐसे गांवों की संख्या 30 से अधिक है। ग्रामीण धरना-प्रदर्शन तक कर चुके, बावजूद न जिम्मेदाराें को फर्क पड़ रहा और न ही व्यवस्था में सुधार हो रहा।
शासन ने नगरीय इलाके को बिजली कटौती से मुक्त व ग्रामीण अंचल में कम से कम 18 घंटे बिजली देने का फरमान जारी है। दावा है कि नगर क्षेत्र में 24 घंटे और ग्रामीण क्षेत्र में 48-72 घंटे के अंदर फुंके ट्रांसफार्मर बदलकर आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। इसके लिए टोल फ्री नंबर भी जारी कर उसकी निगरानी की जा रही है, मगर जिले में यह व्यवस्था सिर्फ कागजों पर है। पूरे जिले में करीब 30 से अधिक गांवों में मौजूदा समय में ट्रांसफार्मर महीनों से फूंके पड़े हैं। इन्हें बदलने की कोई सुध नहीं ले रहा।
सौभाग्य योजना से लगे ट्रांसफार्मर नहीं बदले जा रहे
करमा ब्लॉक के पसही विद्युत उपकेंद्र (जरेनुआ फीडर) के अंतर्गत अलग-अलग जगहों पर 25 केवीए के चार ट्रांसफार्मर जले हैं। खैरपुर फीडर के अंतर्गत बेलहवा में राजकुमारी के घर के पास लगा 25 केवीए का ट्रांसफार्मर एक माह से जला है। जगदीश के घर के पास लगा 25 केवीए का ट्रांसफार्मर 3 महीने से जला है।
इसी प्रकार लोहरतालियां में रामपति के घर के पास 25 केवीए, इसी गांव में एक और 25 केवीए का ट्रांसफार्मर महीनों से जला हुआ है। सिरसिया ठकुराई ग्राम पंचायत के लोहरतलिया गांव निवासी रामप्रवेश यादव के मुताबिक सौभाग्य योजना के तहत लगे 25 केवी के ट्रांसफार्मर तीन दिन पहले जल गया है। विजय लाल, शिव मूरत ,गुलाब, बल्लर आदि उपभोक्ताओं ने 63 केबी ट्रांसफार्मर लगाने की मांग की है।
तीन माह से परेशान हैं ग्रामीण
कोन ब्लॉक के रामगढ़ और नकतवार गांव में सौभाग्य योजना के तहत विद्युतिकरण हुआ है। दोनों गांव में बीते 3 माह से ट्रांसफार्मर जला पड़ा है। टोल फ्री नंबर पर शिकायत की गई, मगर अब तक ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया। वहीं पिपरखाड़ में जला 25 केवी का ट्रांसफार्मर दो माह बाद बदला गया।
दुद्धी में 6 तो बभनी में 8 माह से जला है ट्रांसफार्मर
दुद्धी ब्लॉक के विंढमगंज क्षेत्र में सलैयाडीह ग्राम पंचायत में बियार बस्ती के पास 25 केवी का ट्रांसफार्मर लगा था, जो 6 माह से जला पड़ा है। इसी तरह से बभनी ब्लॉक के विभिन्न गांवों में छह माह से ट्रांसफार्मर जले हुए हैं। क्षेत्र के आसनडीह में छह माह से तो रड़होर गांव में आठ माह से ट्रांसफार्मर जला हुआ है। यहीं हाल रंदह गांव का है। ट्रांसफार्मर बदलवाने के लिए ग्रामीण धरना प्रदर्शन भी कर चुके हैं।
सड़क पर उतरे ग्रामीण तब बदला ट्रांसफार्मर
चतरा ब्लॉक के करौंदिया गांव में सात माह से 25 केवीए का ट्रांसफार्मर जला था। जला ट्रांसफार्मर बदले जाने के लिए ग्रामीण टोल फ्री नंबर 1912 पर कॉल किए, उच्चाधिकारियों के यहां पत्राचार भी किया, मगर ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया। जब ग्रामीण समस्या को लेकर सड़क पर उतरे तो ट्रांसफार्मर बदला गया। इसी तरह से सेहुंआ गांव में 22 दिन बाद तो पुरना के थुम्हिया गांव में 15 दिनों बाद जला ट्रांसफार्मर बदला गया।
स्टोर में नहीं है 25 व 63 केवी के नए ट्रांसफार्मर
ग्रामीण इलाकों में लगे अधिकांश 10, 25, 63 केवी के ट्रांसफार्मर जले हैं। इसके सापेक्ष बिजली विभाग के स्टोर में नए ट्रांसफार्मर नहीं हैं। बिजली विभाग के आंकड़ों पर गौंर करें तो इस समय राबर्ट्सगंज के हाइडिल मैदान स्थित स्टोर में 100 केवी के आठ, 250 केवी के एक, 400 केवी का एक और 10 केवी के तीन ट्रांसफार्मर हैं। 10 केवी का ट्रांसफार्मर विभाग में दो माह से नहीं था। हाल ही में नया ट्रांसफार्मर आया है।
वर्कशॉप में इन दिनों एक-दो संख्या में जले ट्रांसफार्मर आ रहे हैं, जिनकी मरम्मत कर 48 घंटे में ट्रांसफार्मर भेज दिया जा रहा है। सौभाग्य योजना से गांवों में 16, 25 और 63 केवी के ट्रांसफार्मर लगे हैं। जहां ट्रांसफार्मर जलने की समस्या है, वहां के लोग 1912 पर कॉल करें या फिर विभाग में शिकायत दर्ज कराएं। जला ट्रांसफार्मर जरूर बदला जाएगा। - चंदन कुमार, अवर अभियंता वर्कशॉप-छपका।
बभनी ब्लॉक रंदह गांव में ट्रांसफार्मर जलने की सूचना मिली है। वहां नया ट्रांसफार्मर लगाने के लिए भेज दिया गया है। जिन गांवों में ट्रांसफार्मर जले हैं, जेई सूचना दें, तुरंत बदलवाया जाएगा। ट्रांसफार्मर की कोई कमी नहीं है। - अरुण कुमार सिंह, एक्सईएन-वर्कशॉप।